बरेली। फर्जी दस्तावेजों पर टेंडर लेने वाली फर्म नेचरस इंटरप्राइजेज के खिलाफ नगर निगम रिपोर्ट दर्ज कराएगा। फर्म की ओर से अब तक लिए गए टेंडर निरस्त कर उसे काली सूची में डालने की भी तैयारी है। जारी वर्कऑर्डर को निरस्त कर धरोहर राशि भी जब्त की जाएगी। नगर निगम के अधिकारियों ने प्राथमिक जांच में फर्म को दोषी मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति सहित रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंप दी है। अब नगर आयुक्त के निर्देश पर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
नेचरस इंटरप्राइजेज फर्म ने नगर निगम से तीन वार्डाें में 73.59 लाख रुपये लागत के सड़क और नाली निर्माण के चार कार्यों के टेंडर लिए थे। एक का वर्कऑर्डर भी हो चुका है। फर्म के फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगाने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई तो नगर निगम ने जिला पंचायत समिति से रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट में बताया गया कि फर्म जिला पंचायत में पंजीकृत ही नहीं है। फर्म के अनुभव प्रमाणपत्र भी फर्जी हैं।
इस तरह किया फर्जीवाड़ा
सूत्रों के मुताबिक, नेचरस इंटरप्राइजेज ने दूसरी फर्म के अनुभव प्रमाणपत्र को स्कैन करवाकर उसमें नाम बदलकर खेल कर दिया। इसी कूटरचित दस्तावेज को लगाकर नगर निगम के टेंडर ले लिए। हालांकि, अधिकारियों ने इस तथ्य को लिखित रूप में जांच में शामिल नहीं किया है।
73.58 लाख के इन कार्य मिले थे फर्म को टेंडर
- वार्ड-19 कंजादासपुर मुख्य मार्ग की पुलिया से 104 मीटर लंबाई में नाले के ऊपर आरसीसी स्लैब डालने का कार्य (16 लाख रुपये लागत)।
- वार्ड-19 कंजादासपुर में नाली व सीसी सड़क मरम्मत से जुड़े दो कार्य (45 लाख रुपये लागत)।- वार्ड 21 सुभाषनगर में नाली व सीसी सड़क की मरम्मत का कार्य (12.43 लाख रुपये लागत)।
जांच कमेटी को बचाने की कोशिश
इस मामले में दस्तावेजों की जांच के लिए बनाई गई कमेटी के अफसरों को बचाने की कोशिश चल रही है। दरअसल, फर्जी दस्तावेजों का मामला पहले भी कई बार उठा था। इस पर तत्कालीन नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने मुख्य अभियंता, एक्सईएन और सहायक लेखाधिकारी की अगुवाई में टेंडर जांच कमेटी बनाई थी। कहा था कि यह कमेटी टेंडर के दस्तावेजों की जांच करेगी। अब अफसरों का कहना है कि कमेटी का काम अवाॅर्ड घोषित करना है, न कि दस्तावेजों की जांच करना। यह बाबुओं का काम है। संवाद
जांच चल रही है। इस तरह की लापरवाही में नगर निगम का जो भी अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगे, उनको बख्शा नहीं जाएगा। फर्म के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट नगर आयुक्त को भेजी गई है। - मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता