शेरगढ़। कस्बा और देहात क्षेत्र में अमान्य कक्षाएं संचालित करने पर शिक्षा विभाग ने 10 स्कूलों के संचालकों को नोटिस भेजा है, लेकिन आश्चर्यवाली बात यह है कि कई स्कूलों ने इसका जवाब अब तक नहीं दिया है। अगर समय रहते इसका जवाब नहीं मिला तो नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर दस हजार से लेकर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
बीईओ मुकेश कुमार भारती ने बताया कि कई दिनों से शिकायत मिल रही थी कि कई स्कूलों में अमान्य कक्षाएं बेरोक-टोक लगाई जा रही हैं।
कहीं पांच तक की मान्यता होने के बाद भी वहां 12वीं तक की कक्षाएं संचालित हो रहीं हैं। लोगों का कहना था कि इन स्कूलों के संचालक अभिभावकों को अच्छी पढ़ाई-लिखाई का झांसा मान्यता के अभाव में दूरदराज के मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिला करवा देते हैं। इसके बाद अपने स्कूलों में कक्षाएं संचालित करते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को दूरदराज परीक्षा देने पर परेशानी होती है।
विभाग की तरफ से युवा मंडल जूनियर हाईस्कूल, रजा एकेडमी, वृंदावासिनी जूनियन हाई स्कूल ग्राम कुडका नगरिया, सरस्वती बाल शिक्षा निकेतन स्कूल ग्राम रम्पुरा, कन्हैया लाल बाल शिक्षा निकेतन, लिटिल एंजिल पब्लिक स्कूल और एनकेएच ग्राम बैरमनगर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसमें से तीन से चार ही स्कूलों ने जवाब दिया है। संवाद