ये आरोपी पकड़े गए
एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि पुलिस ने चंदन मिश्रा के साथ ही मोहल्ला बाबूजई निवासी मोहन सक्सेना व मोनू रस्तोगी, मोहल्ला बिजलीपुरा निवासी समीर गुप्ता, मघई टोला निवासी अनुभव गौतम, मोहम्मद जई निवासी अर्जुन, रोशनगंज निवासी अभिषेक यादव, बड़ी विसरात निवासी केशव केवट, मोहल्ला किला निवासी जावेद हसन, मोहल्ला हुसैनपुरा निवासी करन राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह के शाहजहांपुर के सदस्यों को एक खाता खुलवाने पर चार से आठ हजार रुपये मिलते थे।
ऐसे होता था खातों का उपयोग
खाता खुलवाने के बाद पार्सल के जरिये पासबुक, डेबिट कार्ड और सिम को दूसरे राज्यों में बैठे गिरोह के सदस्यों को उपलब्ध कराते थे, जो इन खातों का उपयोग करते थे। पुलिस ने बताया कि लोन देने, धमकाकर या फर्जी लिंक आदि डाउनलोड कराकर साइबर ठगी के रुपये शाहजहांपुर में खुले खातों में ट्रांसफर किए जाते थे, जिसके बाद रुपयों को निकाल लिया जाता था।
जिले में खुलवाए गए हैं करीब 200 खाते
पुलिस की जांच में गिरोह के सदस्यों ने जिले में करीब दो सौ खाते खुलवाने की बात कही है। हालांकि, जांच में अभी तक 32 खाते मिले हैं, जिनसे एक करोड़ 55 लाख रुपये निकाले गए हैं। शेष खातों की पुलिस जांच कर रही है। इसमें पंजाब नेशनल बैंक में खाते सबसे ज्यादा खुले हैं।
एसपी सिटी ने बताया कि गिरोह के सदस्य पुलिस से बचने के लिए कुछ पासबुकों को जलाने का प्रयास कर रहे थे। तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बताया कि कुछ समय पहले गिरोह के सदस्य के पास रुपये आने बंद होने पर मोहन परेशान हो गया था, तब वह बिहार गया था। वहां से काली गाड़ी पर हेलमेट लगाए युवक आए। मोहन के मुताबिक, उसने चेहरा नहीं देखा था। इसके बाद उनके पास रुपये आने लगे।