बरेली। बीसलपुर चौराहे से नाले की निकासी बंद होने से नौ वार्डाें में जलभराव की समस्या से अस्थाई तौर पर राहत दी गई है। नगर निगम ने सुपर सकर मशीन से जगतपुर समेत आस-पास के कई नालों को साफ किया है, जिससे निकासी आसानी से हो रही हैं। वहीं पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि एस्टीमेट तैयार हो गया है और शासन से स्वीकृति के बाद पुलिया का निर्माण कराया जा सकेगा।
बीसलपुर चौराहे पर निकासी न होने की वजह से आकाशपुरम वार्ड समेत आसपास के नौ वार्ड जलभराव की समस्या से लगातार बनी हुई है। जगतपुर नाले में कई वार्डाें के नाले व नालियां जुड़ रहे हैं जो बीसलपुर चौराहे की पुलिया से होते हुए बीसलपुर रोड की तरफ निकल रहा है। वहीं पुलिया से बीसलपुर रोड तक पड़ा पाइप सिर्फ दो मीटर का होने के कारण आए दिन नाला चोक हो जाता है। हाल ही में नगर निगम ने अतिक्रमण को हटाकर सफाई भी कराई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
इस मामले में अस्थाई तौर पर राहत देने के लिए नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार रात को ही जगतपुर, पशुपतिनाथ, पवन विहार समेत आसपास के इलाकों के नालों को साफ किया। इससे नौ वार्ड की जनता को राहत मिल सकी। वहीं पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि सेटेलाइट से बैरियर टू चौकी तक सिक्सलेन प्रस्तावित है। शासन से स्वीकृति के बाद ही आगे का निर्माण कराया जा सकेगा।
मुख्य अभियंता ने की पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से बात
दरअसल बीसलपुर चौराहे का रोड पीडब्ल्यूडी के अधीन आता है, लेकिन नगर निगम की ओर से वहां पर सिर्फ पुलिया निर्माण कराया जा सकता है। इसको लेकर नगर आयुक्त ने भी कहा है कि हम लोक निर्माण विभाग से बात कर एस्टीमेट मांगेगे, शासन की ओर से स्वीकृति जल्द हो गई तो ठीक रहेगा, अन्यथा जनता को राहत देने का काम नगर निगम निधि से करेंगे। इस बारे में नगर निगम निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से बात की है।
एस्टीमेट मांगेंगे तो हम निश्चित तौर पर देंगे : एक्सईएन
इस मामले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) प्रांतीय खंड के एक्सईएन भगत सिंह ने कहा कि हमें नियमों के तहत ही चलना होता है। शासन से स्वीकृति के बिना वह निर्माण कार्य नहीं कर सकते हैं। सेटेलाइट से बैरियर टू तक सिक्सलेन प्रस्तावित हैं, इसी में पुलिया का निर्माण होना है। उन्होंने कहा कि अगर नगर निगम उनसे पुलिया का एस्टीमेट मांगता है तो वह निश्चित तौर पर दे देंगे। नगर निगम अपनी निधि से काम करा सकता है, जबकि उनके विभाग में शासन की मंजूरी जरूरी है। वहीं अगर नगर निगम पुलिया बनवाता है तो वह सिर्फ सड़क डालेंगे। इससे जनता को राहत भी मिल जाएगी। संवाद