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Bareilly News: नगर निगम ने मंदिर को भी माना दुकान, लगाया 48 हजार रुपये का टैक्स

Wed, 19 Jun 2024 11:36 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में नगर निगम ने एक मंदिर पर व्यावसायिक दर से टैक्स लगा दिया। भाजपा के कालीबाड़ी मंडल के महामंत्री गौरव सक्सेना इसकी शिकायत लेकर नगर निगम पहुंचे। उन्होंने मनमानी करने का आरोप लगाया। 
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नगर निगम बरेली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में लोकसभा चुनाव के बाद नगर निगम ने गृहकर (हाउस टैक्स) कई गुना तक बढ़ा दिया है। बिहारीपुर सौदागरान स्थित प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर पर कभी कर नहीं लगता था। मंदिर के छोटे से हिस्से में पुजारी रहते हैं। उसका बिल 500 रुपये आता था। वर्ष 2023-24 का उनका बिल जमा भी है। इसके बावजूद इस बार व्यावसायिक दर से टैक्स लगाते हुए 48,194 रुपये का बिल भेज दिया गया।

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मंगलवार को भाजपा के कालीबाड़ी मंडल के महामंत्री गौरव सक्सेना इसकी शिकायत लेकर नगर निगम पहुंचे। अन्य शहरवासी भी निगम की इस मनमानी से परेशान हैं। निगम में इस तरह की शिकायत लेकर पहुंचने वालों की भीड़ जुट रही है। निगमकर्मी भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। 

नगर निगम ने निजी संस्था के जरिये कराए गए जीआईएस सर्वे के आधार पर वर्ष 2023-24 से कर बढ़ा दिया है। इस सर्वे में जबरदस्त गड़बड़ी हुई है। कहीं मकान का क्षेत्रफल बढ़ा दिया है, कहीं संपत्ति किसी और के नाम और बिल दूसरे के नाम आ रहा है। 

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500 से 2,500 कर दिया बिल 
मलूकपुर की तारा देवी के परिजन मंगलवार को नगर निगम पहुंचे। बताया कि अब तक उनका 500 रुपये बिल आता था। वर्ष 2023-24 का बिल जमा भी है। अब जब बिल निकलवाया तो 2,500 रुपये आया। नगर निगम पहुंचकर कर विभाग के कर्मचारियों से पूछा तो वह सटीक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। कहा जा रहा है जीआईएस सर्वे में दर्शाए  गए क्षेत्रफल के आधार पर बिल बना है।

क्षेत्रफल से ज्यादा का बना दिया बिल
सुर्खा के ऋषभ मंगलवार को नगर निगम पहुंचे। बताया कि उनका सौ गज का मकान है लेकिन बिल इससे ज्यादा क्षेत्रफल का बना दिया है। अधिकारियों से शिकायत की तो जन शिकायत डेस्क पर जाकर शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया। कोई इस बात का जवाब नहीं दे पाया कि गलत बिल कैसे बन गया। अब कहा जा रहा है कि टीम भेजकर दोबारा सर्वे कराया जाएगा। 

घर बैठकर ही शिकायत दर्ज करा सकते हैं लोग  
सीटीओ (मुख्य कर निर्धारण अधिकारी) प्रदीप मिश्रा ने बताया कि पहली बार जीआईएस सर्वे के आधार पर बिल जारी हुए हैं। इसमें कुछ गड़बड़ी हो सकती है। इसके लिए लोग नगर निगम की बेवसाइट ptms-citizen.nagarnigambareilly.com पर जाकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। टीम भेजकर समस्या का निस्तारण करा दिया जाएगा। शहर को चार जोन में बांटा गया है। पहला व दूसरे जोन का कार्यालय नगर निगम में ही है। जोन नंबर तीन का कार्यालय सुरेश शर्मा नगर में पानी की टंकी परिसर में है। जोन चार प्रेमनगर थाने के सामने बना है। वहां कर्मचारी बैठाए गए हैं। वहां भी समस्याएं सुनी जा रही हैं।

2024-25 से लागू हों बढ़ी हुईं दरें : उपसभापति
उपसभापति सर्वेश रस्तोगी ने मंगलवार को महापौर उमेश गौतम को ज्ञापन देकर प्रस्तावित गृहकर को बोर्ड की बैठक में रखकर वर्ष 2024-25 से लागू करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि पिछले वित्तीय वर्ष से कर लागू करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखकर वर्ष 2024-25 से बढ़े हुए कर को लागू करने के लिए कहा। 

कर में बढ़ोतरी नियम विरुद्ध : राजेश अग्रवाल
सपा पार्षद राजेश अग्रवाल ने बढ़े हुए कर को नियम विरुद्ध बताते हुए मंगलवार को महापौर व नगर आयुक्त को ज्ञापन दिया। उनका कहना है कि नगर निगम अधिनियम में गत वर्षों के गृहकर को बढ़ाने के लिए कोई नियम ही नहीं है। राजेश अग्रवाल ने ज्ञापन देते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में जनता को छूट का प्रस्ताव पारित हुआ था। इसके बाद लोगों ने गृहकर जमा कर दिया था। 
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इसके बावजूद 2023-24 में गृहकर में बढ़ोतरी कर दी गई। 28 फरवरी 2024 को नगर निगम बोर्ड की बैठक में 2024-25 के लिए अग्रिम गृहकर जमा करने पर मई तक 10 प्रतिशत छूट देने का प्रस्ताव पारित हुआ था। निगम द्वारा सभी करदाताओं की संपत्तियों के वार्षिक मूल्यांकन में बदलाव किया है, जो नियमानुसार गलत है। 

आवासीय भवनों में छूट का प्रावधान है, लेकिन जनता को छूट नहीं दी जा रही। संपूर्ण प्रक्रिया उप्र नगर निगम (संपत्ति कर) नियमावली 2000 के अंतर्गत की गई है। जबकि, वर्तमान में उप्र नगर निगम (संपत्ति कर) नियमावली 2013 प्रचलन में है। पार्षद ने समस्त कार्रवाई को निरस्त कर प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखने की मांग की है। 
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