500 से 2,500 कर दिया बिल
मलूकपुर की तारा देवी के परिजन मंगलवार को नगर निगम पहुंचे। बताया कि अब तक उनका 500 रुपये बिल आता था। वर्ष 2023-24 का बिल जमा भी है। अब जब बिल निकलवाया तो 2,500 रुपये आया। नगर निगम पहुंचकर कर विभाग के कर्मचारियों से पूछा तो वह सटीक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। कहा जा रहा है जीआईएस सर्वे में दर्शाए गए क्षेत्रफल के आधार पर बिल बना है।
क्षेत्रफल से ज्यादा का बना दिया बिल
सुर्खा के ऋषभ मंगलवार को नगर निगम पहुंचे। बताया कि उनका सौ गज का मकान है लेकिन बिल इससे ज्यादा क्षेत्रफल का बना दिया है। अधिकारियों से शिकायत की तो जन शिकायत डेस्क पर जाकर शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया। कोई इस बात का जवाब नहीं दे पाया कि गलत बिल कैसे बन गया। अब कहा जा रहा है कि टीम भेजकर दोबारा सर्वे कराया जाएगा।
घर बैठकर ही शिकायत दर्ज करा सकते हैं लोग
सीटीओ (मुख्य कर निर्धारण अधिकारी) प्रदीप मिश्रा ने बताया कि पहली बार जीआईएस सर्वे के आधार पर बिल जारी हुए हैं। इसमें कुछ गड़बड़ी हो सकती है। इसके लिए लोग नगर निगम की बेवसाइट
ptms-citizen.nagarnigambareilly.com पर जाकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। टीम भेजकर समस्या का निस्तारण करा दिया जाएगा। शहर को चार जोन में बांटा गया है। पहला व दूसरे जोन का कार्यालय नगर निगम में ही है। जोन नंबर तीन का कार्यालय सुरेश शर्मा नगर में पानी की टंकी परिसर में है। जोन चार प्रेमनगर थाने के सामने बना है। वहां कर्मचारी बैठाए गए हैं। वहां भी समस्याएं सुनी जा रही हैं।
इसके बावजूद 2023-24 में गृहकर में बढ़ोतरी कर दी गई। 28 फरवरी 2024 को नगर निगम बोर्ड की बैठक में 2024-25 के लिए अग्रिम गृहकर जमा करने पर मई तक 10 प्रतिशत छूट देने का प्रस्ताव पारित हुआ था। निगम द्वारा सभी करदाताओं की संपत्तियों के वार्षिक मूल्यांकन में बदलाव किया है, जो नियमानुसार गलत है।
आवासीय भवनों में छूट का प्रावधान है, लेकिन जनता को छूट नहीं दी जा रही। संपूर्ण प्रक्रिया उप्र नगर निगम (संपत्ति कर) नियमावली 2000 के अंतर्गत की गई है। जबकि, वर्तमान में उप्र नगर निगम (संपत्ति कर) नियमावली 2013 प्रचलन में है। पार्षद ने समस्त कार्रवाई को निरस्त कर प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखने की मांग की है।