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बताइए साहब! कैसे जिंदा रहें किसान

Sat, 29 Oct 2016 01:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
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Tell me, sir! How to stay alive farmer - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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रबी गोष्ठी में किसान अपनी समस्याओं को लेकर मुखर हुए। उन्होंने बहेड़ी चीनी मिल पर गन्ने के बकाया का भुगतान न होने जैसी कई समस्याओं को पुरजोर ढंग से उठाया। बहेड़ी गन्ना सोसायटी के चेयरमैन केंद्र पाल सिंह ने खुलकर कहा कि बिना पैसे के किसानों का कोई काम नहीं होता। बहेड़ी के 73 हजार किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं हुआ है। चीनी मिल पर सौ करोड़ रुपया बकाया है। एपीसी से पूछा- बताइए साहब किसान कैसे जिंदा रहें और कैसे दिवाली या बाकी त्योहार मनाएं। 
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किसानों ने कृषि गोदामों पर उपलब्ध बीज बाजार से महंगा बताया। बताया कि कृषि गोदाम पर प्रमाणिक बीज 3120 रुपये है और बाजार में वही प्रमाणिक बीज 2400 रुपये प्रति कुंतल मिल रहा है। प्रमुख सचिव कृषि रजनीश गुप्ता ने कृषि निदेशक को प्रदेश के सभी बीज गोदामों की मरम्मत का प्रस्ताव मंजूरी के लिए तैयार करने को कहा। कई किसानों ने नलकूप न चलने और बिजली का पर्याप्त बंदोबस्त न होने का मामला उठाया। एक किसान ने उत्तराखंड में दूध का मूल्य यूपी से पांच रुपये ज्यादा बताते हुए सवाल किया कि दूध सस्ता क्यों बेचें। फरीदपुर के किसान हरवीर ने गेहूं और धान का समर्थन मूल्य निर्धारित फार्मूले से तय करने का सुझाव दिया। कहा कि क्रय केंद्र बदमाशों ने ले रखे हैं। सारी तहसीलों में किसानों की पहुंच से काफी दूर केंद्र खोले गए हैं। उन्होंने बागवानी के नाम पर सब्सिडी के घपले का मुद्दा भी उठाया। कहा कि बागवानी के नाम पर ऐसे-ऐसे बाग लगाए गए हैं, जिनमें आम की डंडी लगाकर फोटो खींचकर सब्सिडी हथियाई गई है। आर्गेनिक फार्म के संचालन अनिल साहनी ने आन फार्म प्रोसेसिंग वाली वस्तुओं पर सेल्स टैक्स लगाने की समस्या रखी। किसानों से टोल टैक्स न लेने की मांग की। पीलीभीत के किसान हरवीर सिंह ने दूसरे राज्य से कम्पाइन मशीन खरीदकर लाने पर सेल्स टैक्स वसूले जाने की शिकायत की। बदायूं के बलवीर सिंह यादव ने सोलर पंपों की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर कृषि निदेशक ने सोलर पंपों का लक्ष्य दुगना करने का आश्वासन दिया। कई किसानों ने फसल मुआवजा की हकीकत अफसरों के सामने रखी। कहा कि सरकार ने मुआवजा के नाम पर भद्दा मजाक किया है। 2200 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया गया है। ऐसे में कुछ एक बीमा वालों को जुताई भर के पैसे नहीं मिले हैं। बहुत सारे किसान मुआवजे के लिए अब भी भटक रहे हैं। किसान सुभाष चंद्र पाठक ने नगर निगम सीमा में आने वाले 48 गांवों के किसानों के लिए कृषि तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने की समस्या रखी। कहा कि शहरी किसानों को केसीसी का लाभ नहीं दिया जा रहा। 

डीएम बोले- नीलाम कराएंगे मिल प्रबंधन की संपत्ति
बहेड़ी की चीनी मिल पर किसानों के गन्ने का बकाया दिलाने के लिए डीएम पंकज यादव ने मिल मालिक की संपत्तियां बिकवाकर भुगतान कराने का आश्वासन दिया। नीलामी के लिए 14 नवंबर निर्धारित की है। उन्होंने गोष्ठी में बताया कि 36 करोड़ रुपये की चीनी नीलाम कराई है। मिल प्रबंधक ने उत्तराखंड की अपनी जमीन बेचकर 33 करोड़ रुपये देने का आश्वासन दिया है।
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