फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्राएं बोलीं- मोदी जी थैंक्स, शरीयत पर टिके रहने की उलमा की अपील पर गौर नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। तीन तलाक बिल राज्यसभा में पास होने के बाद उलमा भले ही मुस्लिम महिलाओं से शरीयत पर बने रहने की अपील करते नजर आ रहे हैं, लेकिन महिलाओं की प्रतिक्रिया से साफ जाहिर है कि शरीयत के नाम पर वे तीन तलाक का दर्द झेलने को अब और ज्यादा तैयार नहीं हैं। खासतौर पर मुस्लिम युवतियों में तीन तलाक बिल पास होने के बाद खुशी की लहर है। अमर उजाला ने उनसे बात की तो ज्यादातर छात्राएं और युवतियां तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करती नजर आईं।
विज्ञापन

अल्लाह कुरान में कहता है कि जब कोई शौहर अपनी बीवी को तलाक बोलता है तो जमीन और आसमान हिल जाता है। शरीयत में तीन तलाक पहले ही मना था जिसे कुछ मुसलमान नहीं मान रहे थे, लेकिन मोदी जी को कोटि कोटि धन्यवाद जिन्होंने मुसलमानों को उनकी शरीयत की याद दिलाकर कानूनन उन्हें शरीयत पर लौटने के लिए बाध्य कर दिया। - नाजमीन, छात्रा
तीन तलाक बिल पास होने से सभी मुस्लिम बहनों की तरफ से मोदी जी का बहुत शुक्रिया। हमें उम्मीद है कि यह कानून के बन जाने के बाद मर्दों कोे सजा का डर होगा और इससे तीन तलाक हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। बिल पास होना महिलाओं के लिए बड़ी राहत है। वे अब सम्मान के साथ जी सकेंगी। - शीरीन खान, छात्रा
विज्ञापन

तीन तलाक बिल का पारित होना मुस्लिम महिलाओं के सम्मान की जीत है। नरेंद्र मोदी की दृढ़ निश्चय वाली सरकार का आभार व्यक्त करती हूं कि उन्होंने मुस्लिम समाज को तीन तलाक जैसी कुरीति से निजात दिलवाई। इससे तीन तलाक के नाम पर महिलाओं पर हो रहे अत्याचार से मुक्ति मिलेगी। - नगमा फरहत, यूनीसेफ वर्कर
तरक्कीपसंद मुसलमान मानेंगे मोदी जी का अहसान: नाजिया
लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक बिल को राज्यसभा में पारित कराकर मुस्लिम समाज से किया अपना वादा निभा दिया। इसके लिए सिर्फ मुस्लिम महिलाएं ही नहीं बल्कि हिस्दुस्तान का हर तरक्कीपसंद मुसलमान भाजपा और मोदी जी का एहसानमंद रहेगा। तीन तलाक पर बिल पास होने के दिन को मुस्लिम समाज के लिए सुनहरा दिन मानती हूं और मोदी जी की कोशिशों के लिए मुबारकबाद देती हूं जिन्होंने अपनी हिकमत से तीन तलाक बिल को अमली जामा पहनाया। यह बिल भविष्य में आने वाली नस्लों के लिए बदलाव की बुनियाद बनेगा। एक महिला के मजबूत होने का मतलब पूरे खानदान का मजबूत होना है। जो सियासी तंजीमें इस बिल का विरोध कर रही थीं, इसके पीछे उनकी अपने वोट बैंक की राजनीति थी। - डॉ. नाजिया आलम, भाजपा नेता
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें