बरेली। आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने कहा है कि तीन तलाक बिल का विरोध करने के बजाय भाई और पिता की नजर से देखते हुए उसकी हिमायत करनी चाहिए। यह बिल हमारी बहन और बेटियों का मुस्तकबिल महफूज करेगा। मौलाना ने कहा कि यह काम हम लोगों को ही करना चाहिए था, हमने नहीं किया तो अल्लाह ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करा लिया।
मौलाना तौकीर ने कहा कि तीन तलाक बिल की कुछ उलमा मुखालफत कर रहे हैं लेकिन असल में एक बार में तीन तलाक पर बिल पास होना मुसलमानों की ही जीत है। यह बिल पूरी तरह सही है और शरीयत के मुताबिक है। उन्होंने कहा कि पहले कहा जा रहा था कि एक बार में तीन तलाक को तलाक नहीं माना जा सकता। लेकिन हमने कहा था कि एक बार में कोई शौहर बीवी को तीन तलाक देता है तो उसे तलाक माना जाएगा। अब यही बात हुकूमत ने भी मानी है और इसीलिए इस पर सजा तय की है। इस्लाम में तीन तलाक पर 14 सौ साल पहले से सजा है जिसे खलीफा-ए-वक्त हजरत उमर फारूख ने मुकर्रर किया था।
मौलाना ने कहा कि हुजूर नबी-ए-करीम मोहम्मद साहब ने भी तीन तलाक पर नाराजगी जताई थी। जब उनके दौर में इस तरह के मामले सामने आए तो उन्होंने इसे गलत मानते हुए तलाक देने वाले को कोड़े मारने का हुक्म दिया था। तौकीर रजा ने कहा कि मौजूदा हुकूमत ने तीन तलाक पर तीन साल की सजा तय की है, हालांकि यह उतनी बड़ी सजा नहीं है जितनी बानी-ए-इस्लाम की नाराजगी है। यह पहला मौका था कि जब संसद में बिल पेश करते हुए कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने हजरत उमर फारूख को कोड किया। इससे साफ है शरीयत पर गौर करके ही यह बिल पेश किया गया। इससे तीन तलाक पर रोक जरूर लगेगी। आईएमसी प्रमुख ने कहा कि आईएमसी की ओर से जगह-जगह जलसे कर लोगों को जागरूक किया जाएगा ताकि वे तीन तलाक की सही स्थिति को समझ सकें।