बरेली। तीन तलाक पीड़ित अनम खान इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही हैं, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। थाने से लेकर अधिकारियों तक से फरियाद कर चुकी हैं, लेकिन पति के खिलाफ कार्रवाई रिपोर्ट दर्ज होने से आगे नहीं बढ़ सकी है।
अनम ने करीब नौ महीना पहले पंजाबपुरा निवासी अपने पति कामरान खान के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में हाईकोर्ट में मीडिएशन चल रहा था। वहां पति भी पहुंचा था, तभी उसने कोर्ट के बाहर अनम को तीन तलाक दे दिया। इसके बाद अनम ने थाने में पति के खिलाफ तीन तलाक देने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसकी विवेचना महिला थाने की दरोगा को दी गई, लेकिन कोरोना के चलते मामला टलता रहा। अब स्थिति थोड़ा सामान्य होने पर अनम कई बार थाने गईं। अधिकारियों से भी मिलीं, लेकिन कार्रवाई अब तक आगे नहीं बढ़ सकी है।
निराश होकर अनम मदद के लिए मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी के पास पहुंचीं। बताया कि पुलिस पति के दुबई चले जाने की बात कह रही है, जबकि पासपोर्ट अधिकारी से शिकायत के बाद पति का पासपोर्ट इम्पाउंड किया जा चुका है। इस मामले में फरहत नकवी ने कहा कि तीन तलाक मामले में लंबी लड़ाई के बाद कानून बन गया है, फिर भी महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। थानों में शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे आरोपियों को बचाव का मौका मिल रहा है।