तीन में से सिर्फ एक टीम पहुंची महेंद्र गायत्री अस्पताल
बरेली। कोरोना के दौर में अस्पतालों के साथ दवा और सर्जिकल सामान बेचने वाले स्टोरों पर मुनाफाखोरी और जमाखोरी रोकने के लिए डीएम की ओर से गठित वाणिज्य कर विभाग के अफसरों की टीमों के छापों के खौफ में शनिवार को शास्त्री मार्केट अचानक बंद हो गया। हालांकि टीमों ने शास्त्री मार्केट का रुख ही नहीं किया। तीन में से सिर्फ एक टीम ने महेंद्र गायत्री अस्पताल जाकर जांच की, हालांकि वहां कुछ खास नहीं मिला।
जिले में संक्रमण बढ़ने के साथ जिस तरह अस्पतालों में अवैध वसूली के साथ दवा और सर्जिकल सामान की कालाबाजारी शुरू हुई, उससे कोरोना का प्रकोप कई गुना बढ़ गया था। आठ मई को बरेली आए मुख्यमंत्री से कई जनप्रतिनिधियों ने कालाबाजारी और मुनाफाखोरी की सीधी मार जनता पर पड़ने की शिकायत करते हुए प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे। इसके बाद डीएम नितीश कुमार ने अस्पतालों और दवा की दुकानों की जांच के लिए दो दिन पहले वाणिज्य कर विभाग के अफसरों की तीन टीमें गठित कर दी थीं। तीनों टीमों को शहर के अलग-अलग इलाकों में छापे मारने थे। इन्हीं टीमों के खौफ में शनिवार को शास्त्री मार्केट में सर्जिकल सामान और दवा की दुकानें अचानक बंद हो गईं।
बाद में पता चला कि टीमें छापा मारने निकली ही नहीं हैं तब कहीं शास्त्री मार्केट में दोबारा दुकानें खुलीं। बताया जाता है कि शनिवार की सुबह वाणिज्य कर विभाग में टीमें चेकिंग के लिए निकलने वाली थीं लेकिन कारोबारियों को इसकी पहले ही भनक लग गई। चूंकि शास्त्री मार्केट दवाओं और सर्जिकल आइटम का बड़ा बाजार है लिहाजा लगभग पूरा मार्केट बंद हो गया। टीमें भी इसके बाद निकली नहीं।
मुनाफाखोरी पर कार्रवाई की नौबत आई तो दवा बाजार में विरोध शुरू
दवा और सर्जिकल आयटम के कारोबारियों ने मुनाफाखोरी के खिलाफ छापे मारने को टीमें गठित किए जाने का विरोध शुरू कर दिया है। कारोबारियों का कहना है कि अच्छा हो कि प्रशासन सिर्फ उन्हीं कारोबारियों पर कार्रवाई करे जो मुनाफाखोरी कर रहे हैं। छापे मारने से तो सभी कारोबारियों के उत्पीड़न का रास्ता खुल जाएगा। केमिस्ट वेलफेयर संस्था के अध्यक्ष राजेश ओबराय ने कहा कि वह कालाबाजारी, जमाखोरी और मनमानी के खिलाफ हैं। प्रशासन की मंशा भी यही है लिहाजा हम उसके साथ हैं लेकिन सामूहिक कार्रवाई से व्यापारी का उत्पीड़न होगा। अगर किसी दुकानदार ने कोई गड़बड़ी की है तो उसी पर कार्रवाई हो।
पारस गुप्ता और मेहता सर्जिकल मामले में अब तक कार्रवाई नहीं
ऑक्सीजन सिलिंडरों की कालाबाजारी के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपी पारस गुप्ता न अभी पकड़ा जा सका है न उसके खिलाफ कोई कार्रवाई आगे बढ़ती दिख रही है। इसी तरह मेहता सर्जिकल स्टोर में भी कालाबाजारी का मामला पकड़े जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।