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शाहजहांपुर कोलाघाट पुल हादसा: सेतु निर्माण निगम एमडी पहुंचे, एक घंटे की जांच में नहीं निकला कोई निष्कर्ष

Wed, 01 Dec 2021 07:20 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
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सेतु निर्माण निगम की टीम जांच करती हुई - फोटो : अमर उजाला
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शाहजहांपुर जिले में कोलाघाट पुल गिरने के मामले की जांच बुधवार को लखनऊ से आई सेतु निर्माण तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की टीम ने संयुक्त रूप से की। करीब एक घंटे की जांच के बाद भी अधिकारी किसी निष्कर्ष नहीं पहुंच सके। अब मृदा परीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद ही पुल गिरने का कारण पता चलने की संभावना है। मृदा परीक्षण करने वाली टीम पहुंच गई है मगर रिपोर्ट मिलने में एक सप्ताह का इंतजार करना होगा। 
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29 नवंबर को जलालाबाद से मिर्जापुर व कलान को जोड़ने वाले कोलाघाट पुल का पिलर नंबर सात धंस गया था। इस वजह से पुल तीन हिस्सों में टूट गया था। पिलर के ऊपर की सेतु का करीब दो सौ मीटर हिस्सा जमीन पर गिर गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन ने जांच के आदेश दिए थे। 
बुधवार को सेतु निर्माण निगम के एमडी योगेश पवार, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एमएम निसार, मुख्य अभियंता अशोक अग्रवाल, सेतु निर्माण निगम के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर देवेंद्र कुमार सिंह, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर बिजेंद्र कुमार मौर्य के अलावा दोनों विभागों के कई अभियंता मौके पर पहुंचे। टीम ने जांच शुरू की। पुल गिरने का प्रथम दृष्टया कोई कारण समझ में नहीं आया। दरअसल, पूरा पिलर धंसने के बाद उसके ऊपर सेतु का हिस्सा जमीन पर पड़ा हुआ है। 
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एक अन्य टीम ने भी की जांच
दिल्ली की प्राइवेट कंपनी टंडन कंसल्टेशन के सीईओ विनय गुप्ता, प्रयागराज से आए सेतु निर्माण निगम के जेएमडी आरके सिंह, सेतु निर्माण निगम फर्रुखाबाद इकाई के डीपीएम अरुण कुमार समेत अन्य विभागीय कर्मचारियों की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। अधिकारियों ने स्थिति का आकलन किया। विनय गुप्ता ने बताया कि पुल के कुएं का धंस जाने का यह मामला उनके लिए नया है। यह सामान्य बात नहीं है। 
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मौजूदा स्थिति में एकदम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। जिस स्थान पर पिलर धंसा है, वह पूरा हिस्सा पुल के बड़े हिस्से के नीचे दबा हुआ है इसलिए बोरिंग से गड्ढा करने के बाद वहां की मिट्टी का परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए जरूरत हुई तो उस स्थान पर पड़े पुल के हिस्से को हटवाया जाएगा। रिपोर्ट मिलने के बाद पूरे पुल के निर्माण कार्य की जांच होगी जिसकी रिपोर्ट शासन को सौंप दी जाएगी। शासन से मिलने वाले अगले आदेश के अनुरूप कार्य किया जाएगा। 
- योगेश पवार, एमडी,  सेतु निर्माण निगम  
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