दो दिनों से कैंट में कथित रूप से सीबीआई का डेरा है। इसे लेकर इलाके के बंगलों में रहने वालों और संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। चर्चा है कि केंद्र सरकार के निर्देश पर लखनऊ की सीबीआई टीम यहां आई हुई है। जो दो दिनों से जांच पड़ताल के लिए यहां के लोगों से पूछ ताछ कर रही है। खास तौर से बंगलों का मालिक कौन है, कौन रह रहा है, किसका कब्जा है, कौन सा बंगला कितने क्षेत्र में है, बिजली पानी की व्यवस्था किस विभाग से है। साथ ही टीम के लोग बंगलों की फोटोग्राफी भी कर रहे हैं।
इसके अलावा चर्चा है कि यह कथित सीबीआई टीम इस बात की पड़ताल भी कर रही है कि ओल्ड ग्रांट की जमीन कौन सी है और फ्री होल्ड भूमि कौन सी है। कौन सी जमीन किस विभाग की है और कैंट बोर्ड, रक्षा संपदा, सेना और एमईएस की क्या भूमिका है। ऐसे तमाम बिंदुओं की जांच सीबीआई टीम कर रही है। इसे लेकर वह कई बंगलों में भी पहुंची और वहां रहने वालों से पूछताछ करते हुए सहयोग भी मांगा है। सूत्रों का यह भी बताना है कि संसद में पिछले दिनों कुछ सांसदों ने यह मुद्दा उठाया था कि देश के सभी 62 कैंट के कैंटोनमेंट बोर्ड और रक्षा संपदा विभाग की जमीनों पर अवैध कब्जे हैं। इस पर रक्षा मंत्री ने जांच कराने का आश्वासन दिया था। उसी कड़ी में यह जांच टीम यहां भेजी गई है। कुछ लोगों का यह भी बताना है कि यह नए निर्माणों की भी जांच कर रही है। इधर कैंट बोर्ड की कार्यवाहक सीईओ विनीता देश पांडे और डीईओ एके नेमा ने ऐसी किसी भी जानकारी से इंकार किया है। वहीं यूबी एरिया हेडक्वाटर के एडम कमांडेंट कर्नल राजेश त्यागी से फोन पर इस संबंध में जानकारी के लिए कई संपर्क किया गया मगर फोन नहीं उठ सका।