यह बच्चों को मानसिक रूप से काफी नुकसान पहुंचाने वाली स्थिति है। वे चिड़चिड़े हो रहे हैं। स्कूलों जैसा अनुशासन उन्हें नहीं मिल पा रहा है। अभिभावक खुद बता रहे हैं कि पहले वे जब बच्चों को डांटते थे तो वे माफी मांगते थे लेकिन अब पलटकर जवाब दे रहे हैं। - वीके मिश्रा, प्रिंसिपल डीपीएस
बच्चों के चिड़चिड़े होने की सबसे अधिक शिकायतें मिल रही हैं। बच्चों की एक वर्ष से कोई फिजिकल गतिविधि नहीं रही है। यह चिड़चिड़ापन इसी का परिणाम है। ऑनलाइन पढ़ाई एक विकल्प हो सकता है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं है। - श्यामेश पांडेय, प्रिंसिपल बीबीएललगातार ऑनलाइन पढ़ाई कराना ठीक नहीं है। बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी नहीं हो पा रही है। इससे उन्हें नुकसान होगा। पिछले साल कई अभिभावकों ने बच्चों को पढ़ाया ही नहीं। हो सकता है इस बार भी कई अभिभावक यही सोच रहे हों मगर इससे नुकसान बच्चों का ही होगा। - योहान कुंवर, प्रिंसिपल, विद्या भवन स्कूल
बच्चों का नियमित स्कूल आना बहुत जरूरी है। ऑनलाइन पढ़ाई में कितना सिलेबस पूरा करा सकते हैं। उस तरह से पढ़ाई का माहौल नहीं बन पाता है। पिछले साल तो सीबीएसई ने करीब तीस फीसदी तक सिलेबस कम कर दिया था। इस बार यदि ऐसी स्थिति रही तो सिलेबस पूरा कराना मुश्किल होगा। - राजेश यादव, प्रबंधक मदर्स पब्लिक स्कूल
सरकार और स्कूल प्रबंधन बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लें, तो हमें उन्हें स्कूल भेजने में कोई दिक्कत नहीं है। हम भी पूरी एहतियात बरतेंगे।- प्रभुलीन कौर
कोरोना के मामले जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, उससे बच्चों को बाहर भेजने की हिम्मत नहीं होती है। स्कूल भी जिम्मेदारी लेने को तैयार हों तो अभिभावक भी हिम्मत दिखाएंगे। सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी अभिभावक की रहेगी तो हम बच्चों को स्कूल नहीं भेज सकते। - दुर्गा
स्कूल जाकर नियमित पढ़ाई करना जरूरी है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा भी अभिभावकों के लिए अहम है। ऐसे में कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच हम बच्चों को स्कूल कैसे भेज दें। -प्रीतपाल कौर