बरेली। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. विनीता ने शुक्रवार को परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया तो कई गड़बड़ियां और वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बेहद कम मिली। मध्याह्न भोजन योजना में फर्जीवाड़ा, और अनुदान राशि के दुरुपयोग के मामले सामने आए।
बीएसए के मुताबिक, भुता के उच्च प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर करोड़ में नामांकित 146 बच्चों में से महज 52 ही उपस्थित मिले। जांच में पता चला कि पूर्व की तिथियों में मध्याह्न भोजन पंजिका में मनगढ़ंत संख्या दर्ज करके बजट का बंदरबांट किया गया है। चूल्हे पर लकड़ी जलाकर भोजन पकाया जा रहा था। हैंडवॉश यूनिट की टोंटियां टूटी मिलीं। शौचालय पर ताला लगा था और अग्निशमन यंत्र भी निष्प्रयोज्य पड़ा था। परिसर में झाड़ियां उगी हुई थीं। ईको क्लब, स्पोर्ट्स और कंपोजिट ग्रांट की धनराशि किस मद में खर्च हुई, इसका कोई बिल-वाउचर प्रस्तुत नहीं किया गया। कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका सुमन को वित्तीय अनियमितता और लापरवाही का दोषी मानते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
कंपोजिट विद्यालय मेहतरपुर करोड़ में नामांकित 497 बच्चों के सापेक्ष केवल 188 मौजूद मिले, जबकि उपस्थिति पंजिका में दर्ज आंकड़े हकीकत से अलग थे। स्मार्ट क्लास बंद पड़ी थी और हैंडवॉश यूनिट में पानी नहीं आ रहा था। यहां भी स्पोर्ट्स और कंपोजिट ग्रांट की खरीद से जुड़े अभिलेख नहीं मिले। कक्षा सात में गरिमा और कक्षा छह में पूजा की ओर से गुणवत्ताविहीन शिक्षण किया जा रहा था। प्रभारी प्रधानाध्यापक मोहन स्वरूप व दोनों शिक्षिकाओं से जवाब तलब किया गया है।
दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का वेतन भी रोका गया है। शिथिल पर्यवेक्षण के लिए खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) भुता को भी नोटिस थमाया गया है। बीएसए डॉ. विनीता ने सभी प्रधानाध्यापकों को छात्र उपस्थिति बढ़ाने, स्कूल परिसर की नियमित सफाई कराने, खिड़कियों पर जाली लगवाने और मीनू के अनुसार गुणवत्तायुक्त मध्याह्न भोजन का वितरण सुनिश्चित करने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा है कि निर्देशों के उल्लंघन पर संबंधित के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।