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शिक्षक एमएलसी चुनाव: वित्तविहीन शिक्षकों ने तोड़ा था शर्मा गुट का तिलिस्म, इस बार ये प्रत्याशी हैं मैदान में

Sat, 03 Oct 2026 01:18 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली-मुरादाबाद शिक्षक पद के लिए 23 अक्तूबर को मतदान होगा। इस बार 9,868 अधिक शिक्षक मतदान करेंगे। भाजपा ने हरि सिंह ढिल्लो को फिर प्रत्याशी बनाया है। संजय मिश्रा निर्दलीय मैदान में हैं। शर्मा और चंदेल गुट ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं। 2014 में वित्तविहीन शिक्षकों को मतदान का अधिकार मिलने से चुनावी समीकरण बदल गए थे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली-मुरादाबाद शिक्षक एमएलसी पद के लिए 23 अक्तूबर को मतदान होगा। बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा और संभल जिलों में 2020 के चुनाव में 36,705 मतदाता थे। इस बार यह संख्या बढ़कर 46,573 हो गई है। यानी इस बार 9,868 ज्यादा शिक्षक मतदान करेंगे। इस सीट पर 1972 से 2008 तक लगातार माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के प्रत्याशी जीतते रहे, लेकिन 2014 के चुनाव में वित्त विहीन शिक्षकों ने माध्यमिक शिक्षक संघ का तिलिस्म तोड़ दिया। 

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इस सीट पर 1972 से 2008 तक रमेश चंद्र शर्मा उर्फ विकट, केशव कुमार शर्मा, रामबाबू शास्त्री, सुभाष चंद्र शर्मा दो-दो बार एमएलसी चुने गए। 1995 में एक बार उप चुनाव भी हुआ। वर्ष 2014 में शाहजहांपुर निवासी वित्तविहीन शिक्षक संजय मिश्रा सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े और शर्मा गुट से सीट झटक ली।

2020 के चुनाव में अमरोहा निवासी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। इस बार भाजपा ने एक बार फिर ढिल्लो पर दांव लगाया है। सपा ने संजय मिश्रा को तीसरी बार मौका नहीं दिया तो वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। शर्मा गुट ने मुरादाबाद स्थित हिंदू कॉलेज के सुनीत को और चंदेल गुट ने विमलेंद्र शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। 
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ऐसे बदला चुनावी गणित 
वर्ष 2008 तक के चुनाव में वित्त पोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक मतदान करते थे, लेकिन 2014 का चुनाव आते-आते वित्तविहीन शिक्षकों को भी मतदान का अधिकार मिल गया। इसके बाद मतदाताओं की संख्या बढ़ी और चुनावी गणित बदल गया। वित्तविहीन शिक्षकों का झुकाव सत्तारूढ़ दलों की ओर होने के कारण पार्टियों ने भी समर्थित उम्मीदवार उतारने शुरू कर दिए। 

1972 से अब तक चुने गए शिक्षक एमएलसी
  • 1972 में रमेश चंद्र शर्मा उर्फ विकट, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
  • 1978 में रमेश चंद्र शर्मा उर्फ विकट, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
  • 1984 में केशव कुमार शर्मा, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
  • 1990 में केशव कुमार शर्मा, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
  • 1995 में रामबाबू शास्त्री, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
  • 1996 में रामबाबू शास्त्री, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
  • 2002 में सुभाष चंद्र शर्मा, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
  • 2008 में सुभाष चंद्र शर्मा, उप्र माशिसं (शर्मा गुट)
  • 2014 में संजय कुमार मिश्र, सपा समर्थित
  • 2020 डॉ. हरि सिंह ढिल्लो, भाजपा समर्थित
कहां कितने मतदाता
जिला 2020 2026
बरेली 6,230 6,772
बदायूं  3,275  3,893
पीलीभीत 1,967 3,500
शाहजहांपुर 3,846  4,607
रामपुर 2,742 3,093
मुरादाबाद 5,475 7,504
बिजनौर  6,354 8,077
अमरोहा 3,779  5,669
संभल  2,987 3508
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कमजोर नहीं हुआ है शर्मा गुट
माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिलाध्यक्ष नवनीत कुमार शर्मा ने बताया कि सभी नौ जिलों में माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट का संगठन आज भी सबसे मजबूत है। वित्तविहीन शिक्षकों का झुकाव राजनीतिक दलों की ओर होने के कारण गुट को नुकसान हुआ है।

शिक्षक संघ के साथ आएं वित्तविहीन शिक्षक
माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट के जिलाध्यक्ष श्याम नारायण शर्मा ने बताया कि वित्तविहीन माध्यमिक शिक्षकों का झुकाव सत्ता पक्ष की ओर होता है, लेकिन उनके लिए कोई काम नहीं करता। वित्तविहीन शिक्षक भी अगर हमारे साथ आएं तो उनकी समस्याओं का निस्तारण प्रभावी ढंग से होगा।
 
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