बरेली। एमबी इंटर कॉलेज की अध्यापिका वंदना वर्मा के विरुद्ध दो पैन (परमानेंट अकाउंट नंबर) कार्ड पर अवैध रूप से करोड़ों का ऋण लेने का आरोप है। सौंपी गई जांच रिपोर्ट पर डीआईओएस ने अध्यापिका की गलती मानते हुए विद्यालय प्रबंधक को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
अध्यापिका की जालसाजी को लेकर अगस्त में डीएम और डीआईओएस से शिकायत की गई। दो माह तक जांच की गई। रिपोर्ट के मुताबिक अध्यापिका के पास एक अधिकृत पैन कार्ड है। साथ ही, एक और पैन कार्ड का अनाधिकृत रूप से इस्तेमाल कर रही है। उत्तराखंड के गदरपुर से भी बैंक ऋण लिया। इसमें उसका एक करीबी और बहन भी शामिल हैं।
बैंक में जमा दस्तावेजों के अनुसार रेखा एमबी इंटर कॉलेज में अध्यापिका हैं। पड़ताल में पता चला कि अर्जुन और वंदना के बीच लाखों रुपये का लेनदेन हुआ था। दोनों ने बैंक में वंदना के दस्तावेज दिए थे। इसकी जानकारी होने पर वंदना ने खुद लिखित रुप से अपनी जालसाजी को स्वीकार भी किया है। गदरपुर के बैंक में वंदना की सहमति पर दस्तावेजों में हेरफेर कर करीब 22 लाख का ऋण लिया गया।
डीआईओएस को सौंपी रिपोर्ट
प्रकरण की जांच के लिए इनायतपुर राजकीय हाईस्कूल की प्रधानाचार्य कुसुमलता को जांच अधिकारी नामित किया गया। लंबी पड़ताल और साक्ष्यों को एकत्रित कर 411 पन्नों की रिपोर्ट डीआईओएस को सौंप दी गई। इसमें अध्यापिका के पैन कार्ड से करोड़ों का लोन लेने और विभाग व बैंक को चूना लगाने के साक्ष्य शामिल किए गए हैं।
दो महीने पहले अध्यापिका की शिकायत प्राप्त हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद कारवाई प्रबंधक स्तर से की जाएगी। अध्यापिका ने जांच के दौरान तथ्यों को छिपाने की नियत से झूठे बयान भी दर्ज कराए हैं।- देवकी सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
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