बरेली। नगर निगम की टैक्स प्रणाली की अव्यवस्थाओं और वेबसाइट के काम न करने के विरोध में पार्षद राजेश अग्रवाल व स्थानीय नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य से मुलाकात की। पार्षद ने नगर आयुक्त से कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का डेढ़ महीना बीत चुका है, लेकिन नगर निगम की गृहकर (हाउस टैक्स) वेबसाइट अब तक सक्रिय नहीं हो पाई है। इसके कारण ऑनलाइन बिल जमा करने में परेशानी हो रही है और करदाताओं को मिलने वाली छूट का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पार्षद ने म्यूटेशन की वेबसाइट के वर्षों से ठप होने पर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्रक्रिया न होने के कारण कार्यालयों में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और आम जनता को चक्कर लगाने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने हर साल प्रॉपर्टी टैक्स का सॉफ्टवेयर बदलने की प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे भ्रष्टाचार करार दिया।
उन्होंने संदेह जताया कि पुरानी गड़बड़ियों और वित्तीय अनियमितताओं को छुपाने के लिए ही बार-बार सॉफ्टवेयर बदला जाता है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में अरुण शर्मा, कैलाश शर्मा, रवि शर्मा, नावेद बेग, बॉबी अग्रवाल आदि शामिल रहे।