नगर निगम ने टैक्स वसूली बढ़ाने के लिए बड़े बकायेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गुरुवार को बकायेदार अशोका फोम शोरूम, प्रभा टाकीज और एकता नगर में चार दुकानें सील कर दी गईं हैं। साढ़े चार लाख का बकाया अदा न करने पर निगम टीम कमल टाकीज को सील करने गई लेकिन पौने दो लाख रुपये मिलने पर टाकीज को सील नहीं किया गया।
सहायक नगर आयुक्त विकास सेन की अगुवाई में बृहस्पतिवार को नगर निगम की टीम ने 18 लाख के बकाया में अशोक फोम शोरूम सील कर दिया। शोरूम पर बिना किसी सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर कराए नोटिस चस्पा कराने के बाद टीम वापस लौट आई। शोरूम मालिक ने 10 लाख रुपये का चेक देने की पेशकश की, जिसे इस शर्त पर स्वीकार कर लिया गया कि वह बाकी रकम भी जल्द अदा कर देंगे। इसके बाद टीम ने एकता नगर में 3.33 लाख का टैक्स बकाया होने पर डीसी शर्मा की चार दुकानें सील कर दीं। दुकानें सील करने को लेकर टीम की दुकानदारों से नोकझोंक भी हुई। प्रभा टाकीज पर 1.40 करोड़ का बकाया है। अफसरों के मुताबिक वह मात्र डेढ़ या दो लाख रुपये जमा कराकर बचना चाह रहे थे। टीम ने प्रभा टाकीज को सील करने के बाद नोटिस चस्पा कर दिया। कमल टाकीज सील करने गई नगर निगम की टीम को साढ़े चार लाख के बकाया में 1.75 लाख रुपये दे दिए गए। इसलिए टाकीज को सील नहीं किया गया। टीम में कर अधीक्षक शैली गुप्ता, रिछपाल, ज्ञानचंद, राजनारायण कमल समेत कर संग्राहक शामिल रहे।
‘बड़े बकायेदारों से टैक्स वसूली तेज करने के लिए प्रतिष्ठान सील किए जा रहे हैं। जो टैक्स आसानी से अदा कर देगा, उस पर सख्ती नहीं की जाएगी। टैक्स न अदा करने वालों से 31 मार्च के बाद 12.5 प्रतिशत ब्याज अलग से वसूला जाएगा। ’ ईश शक्ति कुमार सिंह, उप नगर आयुक्त