बरेली के अजय वाल्मीकि हत्याकांड का मास्टरमाइंड जगमोहन उर्फ तन्नू को बारादरी पुलिस की रिपोर्ट पर एसएसपी अनुराग आर्य ने सट्टा माफिया घोषित किया है। तन्नू पर आरोप है कि वह लोगों को जुआ और सट्टा खेलने के लिए उकसाता है। तन्नू के गिरोह में उसकी पत्नी ललिता, गंगापुर निवासी अर्जुन, जानू व छोटे शामिल हैं। सट्टा माफिया की श्रेणी में पंजीकरण कर तन्नू को गैंग लीडर बनाया गया है।
थाने के पास की गई थी अजय की हत्या
अजय की हत्या प्रेमनगर थाने के पास ताबड़तोड़ गोलियां मारकर की गई थी। हालांकि घटनास्थल बारादरी थाना क्षेत्र में ही था। हत्या का उद्देश्य अजय की सट्टा के धंधे में बढ़ता दखल और सट्टा माफिया जगमोहन उर्फ तन्नू की बादशाहत को चुनौती देना था। बड़े पैमाने पर जुआ कराने वाले भगवान दास उर्फ लाले व विनय को भी इस बात का डर था कि अजय उनकी गोपनीय शिकायतें करके धंधे को प्रभावित कर रहा है। अजय की हत्या के बाद बड़ी मुश्किल से पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी कर सकी थी। गिरोह के सदस्य जमानत पर छूटकर दोबारा से सट्टा व जुआ के धंधे में उतर गए।
शेरगढ़ थाना पुलिस की आख्या पर हत्या व लूट करने वाले गैंग को भी पंजीकृत किया गया है। शीशगढ़ के गांव सियाठेरी निवासी सतीश को गैंग लीडर बनाया गया है। सतीश के गिरोह में देवेंद्र उर्फ देवा, दीपक, रनवीर उर्फ रणवीर, भूपेंद्र, रितिक, बौद्धशरण और जितेंद्र उर्फ लुक्का है। इन लोगों की आपराधिक गतिविधियों पर पुलिस नियंत्रण रखेगी।