बरेली। यूपी 112 के सिपाही ने खुलकर तो कुछ नहीं कहा पर इशारों-इशारों में वसूली की पूरी कहानी दीवान को समझा दी। बाद में ऑडियो वायरल होने पर बात खुली तो महकमे में खलबली मच गई।
सिपाही पुष्पेंद्र ने कॉल कर पीआरवी स्टाफ से पूछा कि गाड़ी पर कौन-कौन है। उधर से स्टाफ के नाम बताए गए, फिर पुष्पेंद्र ने अब्दुल से कहा कि भाई ट्रैफिक साहब याद कर रहे थे आपकी गाड़ी को...भेजा नहीं आपने। अब्दुल ने चौंककर पूछा- हमारी गाड़ी को? काहे के लिए। पुष्पेंद्र ने कहा, आपको किसी ने कुछ बताया नहीं। अब्दुल के इन्कार करने पर पुष्पेंद्र ने कहा, नहीं पता तो पूछ लेना, आपके थाने की और गाड़ियों से।
अब्दुल ने फिर पूछा कि कौन सी वाली तो पुष्पेंद्र ने कहा कि गाड़ी नंबर 204 वालों से संपर्क कर लेना। किसी से पूछ लो या किसी को भेज दो, साहब नाराज हो रहे हैं। तब अब्दुल ने बात को समझते हुए कहा कि यहां कुछ है ही नहीं। कटरी की गाड़ी है ये, रोड की गाड़ी तो है नहीं। तब पुष्पेंद्र ने कहा कि हम क्या कर सकते हैं, देख लेना या किसी को भेज देना। जैसा भी होगा हम साहब को बता देंगे।चर्चित टीएसआई को कप्तान ने किया रिलीव
सूत्रों के मुताबिक यातायात पुलिस कार्यालय का काफी स्टाफ तनाव के दौर से गुजर रहा है। एक टीएसआई की भूमिका को लेकर भी काफी सवाल उठ रहे थे। उसे विशेष छूट दिए जाने की चर्चा विभाग में खूब रही। मामला एसएसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने उसे सोमवार रात रिलीव कर दिया।