बरेली। सुन्नी हल्कों में भी ताजियेदारी का दौर शुरू गया है। तमाम मोहल्लों के इमामबाड़े खोल दिए गए हैं। यहां तख्तों को भी रख दिया गया है। इस बीच तख्त व ताजियों के जुलूस निकालने की शुरुआत भी हो गई है।
इस सिलसिले में बुधवार को मोहर्रम की पहली तारीख को फर्राशी टोला से अल्लो बी का तख्त निकाला गया। मातमी धुन पर यह तख्त रात भर अपने निर्धारित रास्तों में गश्त करता रहा।
तख्त फर्राशी टोली से कोहाड़ापीर, भूड़ होकर देर रात शाहबाद आदि मोहल्लों से होते हुए बृहस्पतिवार सुबह तक इमामबाड़ा पहुंचेगा। जुलूस के दौरान रास्ते में तमाम जगहों पर लोगों ने फूल हार पेश कर स्वागत किया।
मेमरान का तख्त देखने उमड़ते हैं लोग
बरेली। माहे मोहर्रम का आगाज हो गया है। कई सुन्नी इमामबाड़ों में हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में सजने वाले ताजियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी कड़ी में शहर के बिहारीपुर मेमरान इलाके में सूफी वसीम मियां साबरी नासरी की ओर से मदरसे वाली गली पर रखे जाने वाले 25 वर्ष पुराने तख्त को सजाने का काम चल रहा है। यह शहर के खास और खूबसूरत तख्त में से एक है। इसको नया रूप देने के लिए रंग-रोगन और पीतल की पॉलिश का काम पूरा करने में कारीगर दिन-रात लगे हुए हैं। रिजवान साबरी ने बताया कि नौवीं मोहर्रम को इसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। लोग मन्नत मुराद मांगते हैं। नज्र-ओ-नियाज भी करते हैं।