बरेली/फरीदपुर। बेहरा गांव निवासी स्मैक तस्कर तैमूर उर्फ भोला तिहाड़ जेल से जमानत पर छूट आया है। बताते हैं कि गांव में उसका नोटों के हार व फूलमालाओं से परिजनों ने भव्य स्वागत किया। स्मैक का धंधा तेज होने की आशंका के बीच पुलिस चौकन्नी हो गई है।
तस्कर तैमूर बरेली से दिल्ली तक स्मैक के धंधे का बेताज बादशाह था। दिल्ली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। लंबे समय तक उसका फोटो ही पुलिस के पास नहीं था। बरेली व दिल्ली पुलिस ने उसकी काली कमाई से तैयार लाखों की संपत्ति भी जब्त की थी। डेढ़ साल पहले दिल्ली पुलिस ने तैमूर उर्फ भोला को गिरफ्तार कर लिया। तब से वह तिहाड़ जेल में बंद था।
वह दो दिन पहले जमानत पर छूटकर जेल से गांव लौटा। यहां परिजनों व उसके खास गुर्गों ने वीआईपी की तरह फूलमाला पहनाकर उसका स्वागत किया। चर्चा है कि नोटों की माला पहनाकर भी उसे आसपास गलियों में घुमाया गया। हालांकि फोटो व वीडियो बनाने से परहेज किया गया। तैमूर के भव्य स्वागत की जानकारी थाना पुलिस को भी मिली। पुलिस उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और घेराबंदी की रणनीति बना रही है।
तैमूर जब जेल में बंद था तब भी उसके गांव बेहरा में स्मैक का धंधा तेजी पर था। तैमूर के भाई फरमान व चाचा तस्करी करा रहे थे। अक्तूबर में मेरठ एएनटीएफ ने बारादरी थाना क्षेत्र से तस्कर सलीमउल्ला और कासिम शेख को एक किलो स्मैक के साथ गिरफ्तार किया तो दोनों ने तैमूर के भाई फरमान, सद्दाम व चाचा राशिद से स्मैक की खेप लाने की बात कबूली थी। इनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में बारादरी थाने के विवेचक ने रत्ती भर कार्रवाई नहीं की। मामले को सुलटाने की कोशिश की जा रही है। तैमूर के आने के बाद अब उसके भाई व चाचा समेत तमाम गुर्गों में खुशी की लहर है।
तैमूर का चाचा फरीदपुर में वर्कशॉप चलाता है, जिसकी आड़ में स्मैक का धंधा भी संभालता है। सूत्रों के मुताबिक इस वर्कशॉप में पुलिस की गाड़ियां भी मुफ्त में सही की जाती हैं। इस वजह से स्थानीय पुलिस भी उस पर मेहरबान है।
तैमूर के दिल्ली जेल से जमानत पर आने के बाद उसकी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। पुलिस तस्करी का धंधा किसी हालत में नहीं पनपने देगी। संभावित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अन्य लोगों की संलिप्तता पर भी कार्रवाई होगी। - मानुष पारीक, एसपी साउथ