बांस मंडी, सराय खाम और आजम नगर के लोग हैं बेचैन
बरेली। दिल्ली में तबलीगी जमात के मरकज पर हुए जलसे से लौटे बरेली के लोगों का दूसरे दिन भी कोई पता नहीं चला, जबकि वहां से लौटे जत्थे में बांस मंडी ही नहीं सराय खाम के लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसे लेकर आसपास के मोहल्लों में बैचेनी का माहौल है। लोगों का कहना है कि कुछ लोगों को उनके लौटने के बारे में सटीक जानकारी है, लेकिन वह संबंध निभाने के चक्कर में अपनी जान के अलावा दूसरों की जान भी दांव पर लगाने पर आमादा हैं। लोगों की अपील है कि दिल्ली से लौटे लोगों की जानकारी दें ताकि उनको व उनके सगे संबंधियों को कोरोना के संक्रमण से समय रहते बचाया जा सके।
यहां बता दें कि दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात के मरकज पर पिछले दिनों जलसा हुआ था, जिसमें उत्तर प्रदेश से 156 लोग शामिल हुए थे, जिसमें बरेली के लोग भी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने चार दिन पहले लोगों को वहां से अपने-अपने घरों को लौटने को कहा था, जिसमें 29 मार्च को 15-20 लोगों के बरेली आने की पुष्टि हुई है। सूत्रों के मुताबिक पहले मिली जानकारी के मुताबिक वहां से लौटे लोग बांस मंडी निवासी बताए जा रहे थे, लेकिन अब सराय खाम के लोगों के ही वहां से लौटने की जानकारी है। वह लोग कौन हैं और कहां रहते हैं इसकी भी सटीक जानकारी कुछ लोगों को है, लेकिन वह संबंधों को निभाने के चक्कर में उनकी और अपने परिवारों की जान आफत में डालने पर तुले हैं, जिसके चलते बांस मंडी सहित सराय खाम और आजम नगर आदि इलाकों के लोग भयग्रस्त हैं। क्षेत्र के जागरूक लोगों की अपील है कि दिल्ली से लौटे लोगों की सटीक जानकारी देकर उनको व उनके परिजनों को कोरोना के संक्रमण से बचाया जा सकता है।