मामले को लेकर प्रदेश सरकार के वकील ने कोर्ट से मांग की कि मामले की सुनवाई चैंबर में की जाए। इसपर स्वामी चिन्मयानंद के वकील दिलीप कुमार ने आपत्ति जताते हुए कहा कि एसआईटी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पूरे मामले की जानकारी दे रही है। इस मामले में गोपनीयता की जरूरत नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने चैंबर में सुनवाई की मांग को भी नामंजूर कर दिया।
बता दें कि इधर सोमवार सुबह तबीयत बिगड़ने के कारण चिन्मयानंद को 7:00 बजे एंजियोग्राफी के लिए जिला कारागार से केजीएमसी लखनऊ भेजा गया है। चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली एलएलएम की छात्रा फिरौती मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए पिता और भाई के साथ रविवार को प्रयागराज चली गई।
मालूम हो कि एसआईटी ने अपनी जांच में जहां छात्रा के आरोपों के साथ चिन्मयानंद को दोषी पाया वहीं पांच करोड़ की फिरौती मामले में संजय, विक्रम, सचिन के साथ छात्रा को भी दोषी पाया। स्वामी और फिरौती के आरोपी युवकों को जेल भेजे जाने के बाद अब यह तय है कि छात्रा की भी गिरफ्तारी होगी।
एसआईटी शनिवार को देर शाम जेल में पहुंची थी और सचिन, संजय, विक्रम के फिर बयान दर्ज किए। चूंकि छात्रा को भी अहसास है कि पुलिस उसे कभी भी गिरफ्तार कर सकती है इसलिए उसने हाईकोर्ट की महिला वकीलों से राय लेनी शुरू कर दी और अपने पिता और भाई के साथ प्रयागराज पहुंच गई है।