बरेली। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष मुन्ना सिंह धानुक शुक्रवार को नगर निगम बोर्ड ऑफिस में सफाई कर्मचारियों ने स्वागत किया। उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आयोग के उपाध्यक्ष ने सरकार के निजीकरण पर नाराजगी जताई। कहा, अगर सफाई क ार्य का निजीकरण किया जाएगा तो वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे और पद से इस्तीफा दे देंगे। साथ ही कर्मचारियों की शिकायत के निस्तारण का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि सर्वाधिक फर्जीबाड़ा पंचायती राज विभाग में हो रहा है। यहां विभिन्न जातियों के लोग सफाई कर्मचारी बने बैठे हैं, पगार उठा रहे हैं, लेकिन सफाई कार्य एससी और एसटी समाज के लोग ही कर रहे हैं। उन्होेंने एससी और एसटी जातियों को ही सफाई कर्मचारी पद पर तैनात किए जाने की सिफारिश मुख्यमंत्री से करने का आश्वासन दिया। संघ के महानगर अध्यक्ष राजेश कुमार, महामंत्री राजेंद्र कुमार समदर्शी, विजय कुमार मन्नू, किशन लाल व अन्य ने सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के बाबत 6 सूत्री ज्ञापन सौंपा। इसमें ठेके पर हो रहे सफाई कार्य और निजीकरण को समाप्त करने, नगर निगम में कार्यवाहक सफाई नायक और कार्यवाहक वाहन चालकों के पद भरने, लिपिक पद पर वाल्मीकि समाज के योग्य व्यक्ति को तैनाती दिलाने, नगर निकाय में वाल्मीकि समाज की स्थायी नौकरी दिलाने, सभी सफाई कर्मियों को आयुष्मान योजना का लाभ देने की मांग की है।