बैंकों से मांगा गया ब्योरा
एसपी दक्षिणी ने बताया कि संबंधित बैंकों से लेन-देन का पूरा ब्योरा मांगा गया है। राज्यकर विभाग से भी सहयोग लिया जाएगा, ताकि सच्चाई सामने आ सके। किन खातों से धन आया और किन खातों में भेजा गया, इसकी भी जांच कराई जाएगी। फिलहाल कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में उनसे जो चीजें मालूम हुई हैं, उन बिंदुओं पर जांच चल रही है। पूरे खेल का मास्टरमाइंड अमित गुप्ता बताया जा रहा है। दोनों आरोपियों के पास से तीन-तीन हजार रुपये और मोबाइल फोन भी मिले हैं। इसकी भी जांच कराई जा रही है कि खातों से हुए देन-देन के रुपयों का इस्तेमाल कहां किया गया? आने वाले दिनों में इस प्रकरण में कुछ अन्य खुलासे भी हो सकते हैं।
अमित ने पुलिस को बताया कि शाहिद ने अपने गांव के शब्बू से उसकी मुलाकात कराई थी। उसने शब्बू से उसका आधार कार्ड व पैन कार्ड ले लिया। इसके बाद कूटरचित अन्य दस्तावेज तैयार कर दो बैंकों में म्यूल खाते खुलवाए। खातों का पूरा विवरण, पासबुक, चेक बुक, यूपीआई, डेबिट कार्ड आदि अपने पास रख लिया। इसके बाद इन खातों से लेन-देन किया गया। चेक बुक पर हस्ताक्षर पहले ही करा लिए थे।
जानिए, क्या है म्यूल एकाउंट और सेल कंपनी
म्यूल एकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है जिसके बारे में उस व्यक्ति को नहीं पता होता कि उसके नाम से बैंक में खाता चल रहा है और उससे लेन-देन हो रहा है। इस तरह के अकाउंट साइबर ठगी, हवाला कारोबार और अवैध लेन-देन के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। इसी तरह से सेल कंपनियां या फर्में होती हैं। ये कंपनियां कोई कारोबार नहीं करती। कंपनी सिर्फ कागजों पर होती है और उसके नाम से करोड़ों रुपये की हेराफेरी कर ली जाती है।