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प्रार्थना सभा में धर्म परिवर्तन का शक, हंगामा

Mon, 07 Aug 2017 01:40 AM IST
बरेली
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नवाबगंज। ईसाई प्रार्थना सभा में लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए विहिप नेताओं ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने प्रार्थना सभा करा रहे दंपति को हिरासत में लेकर शांतिभंग में चालान किया, जिसमें उन्हें थोड़ी ही देर में जमानत मिल गई। इसके साथ ही धर्म परिवर्तन के आरोप को निराधार बता दिया। वहीं, हल्की कार्रवाई से नाराज विहिप नेता पुलिस पर गलत लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहे हैं।
नगर के कबाड़खाना मार्ग स्थित वाल्मीकि बस्ती में रविवार दोपहर एके राय के मकान में ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा चल रही थी। आयोजन की भनक लगते ही विहिप के प्रखंड अध्यक्ष अखिलेश गंगवार, मीडिया प्रभारी कमल किशोर शर्मा, नवीन शर्मा, मुकेश गंगवार, अशोक शर्मा, लल्लू गुप्ता, नवीन शर्मा, विपिन शर्मा, वासुदेव प्रजापति, अजय गंगवार आदि मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे से सभा में मौजूूद महिलाओं में हड़कंप मच गया और भाग निकलीं। हंगामे की सूचना पर पुलिस ने सभा करा रहे एके राय और उनकी पत्नी गीता राय को हिरासत में ले लिया। बाद में स्थानीय लोगों से जानकारी के बाद पुलिस ने इनका शांतिभंग में चालान करने के बाद उन्हें पांच-पांच लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। 
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इस पर विहिप नेताओं की पुलिस से तीखी तकरार हुई। उन्होंने आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज न कर उन्हें संरक्षण देने का आरोप लगाया। विहिप नेता अखिलेश गंगवार का कहना था कि उन्हें काफी दिनों से जानकारी मिल रही थी कि प्रार्थना सभा के बहाने हिंदू लोगों को फुसलाकर ईसाई बनाने की कोशिश की जा रही है। ईसाई धर्म का साहित्य भी बांटा जा रहा है। उन्होंने इस बारे में गीता राय को पहले चेतावनी भी दी थी लेकिन गीता राय ने अपना धर्म प्रचार अभियान गुपचुप तरीके से जारी रखा था। इस मामले में स्थानीय पुलिस पर आरोप लगाकर विहिप नेता सीओ विजय प्रताप यादव से भी मिले। वहीं गीता राय ने पुलिस को बताया कि वह तो केवल प्रार्थना सभा का आयोजन कर रही थीं। उनका किसी प्रकार का धर्म प्रवर्तन कराने का इरादा नहीं था। 
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आरोपों पर अफसरों के बयान जुदा-जुदा
पुलिस ने विहिप नेताओं के धर्म परिवर्तन जैसे आरोप को तो पूरी तरह नकार दिया पर अधिकारियों के बयान इस मामले में अलग दिखे। सीओ विजय यादव ने बताया कि जब महिला खुद ही ईसाई नहीं है तो धर्म परिवर्तन कैसे करा सकती है। वहीं, कोतवाल गणेश दत्त जोशी ने बताया कि बंगाली परिवार में महिला गीता ईसाई है। उसका पति बंगाली चिकित्सा पद्धिति से लोगों का इलाज करता है। उससे इलाज कराने आने वाले लोगों में महिलाएं भी हैं। इन्हीं लोगों के साथ गीता राय प्रार्थना सभा कर रही थी। वहां धर्म परिवर्तन कराने जैसा कोई साक्ष्य नहीं मिला। हां, प्रशासन की बिना अनुमति घर में भीड़ और हंगामे की स्थिति देखते हुए हमने शांतिभंग की कार्रवाई की है। दंपति को भविष्य में विवादित आयोजन न करने के लिए भी चेताया है।
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