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UGC Row: निलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने व्हाट्सएप पर लिखा- यूजीसी रोलबैक; यहां जाने का किया एलान

Thu, 29 Jan 2026 12:09 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली से लखनऊ पहुंचे निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने एटा और हाथरस जाने का एलान किया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को सुबह व्हाट्सएप पर स्टेट्स अपडेट किया। जानते हैं पूरी खबर... 
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निलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिटी मजिस्ट्रेट पद से निलंबित किए गए पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री बुधवार को बरेली से चले गए। वह रात में लखनऊ पहुंचे। उन्होंने व्हाट्सएप के जरिए अपने समर्थकों को इसकी जानकारी दी। अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी के दिन यूजीसी के नए नियमों के विरोध में इस्तीफा दिया था। इसके बाद उसी रात उन्हें निलंबित कर दिया गया, जिससे उनके तेवर और आक्रामक हो गए। वह लगातार यूजीसी के नए नियमों का विरोध कर रहे हैं। अलंकार अग्निहोत्री अब लखनऊ से एटा और हाथरस जाएंगे। वहां वह समर्थकों और मीडिया से वार्ता करेंगे। अलंकार अग्निहोत्री ने बृहस्पतिवार को वहाट्सएप पर स्टेट्स अपडेट किया, जिसमें लिखा कि एटा के शहीद पार्क विक्टोरिया में वार्ता करेंगे। इसके बाद हाथरस के लिए रवाना होगा। उन्होंने यूजीसी रोलबैक लिख नए नियमों का विरोध किया। 

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यूजीसी के नए प्रावधानों का कर रहे विरोध 
अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि यूजीसी के नए प्रावधानों को लेकर पूरे देश का सवर्ण समाज परेशान है। इसमें सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को पहले से ही अपराधी मान लिया गया है। कोई भी व्यक्ति झूठी शिकायत कर सामान्य वर्ग के युवाओं और उनके परिजन को बड़ी आसानी से फंसा सकता है। यह व्यवस्था समाज में जहर घोलने जैसी है। यह नियम छात्रों को अलग-अलग समूहों में बांट देगा। शैक्षिक संस्थानों में आंतरिक कलह बढ़ेगी और देश में गृह युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। समय ऐसा भी आ सकता है कि भारतीय सेना को देश की सीमा छोड़कर आंतरिक मोर्चा न संभालना पड़ जाए। 

यह भी पढ़ें- Alankar Agnihotri: 'कई संगठन हमारे संपर्क में, जल्द लेंगे फैसला', बरेली में अलंकार अग्निहोत्री कर गए ये एलान
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बरेली में तीन दिन तक चला घटनाक्रम 
अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए प्रावधानों में सवर्णों के हित की अनदेखी और प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई से आहत होकर 26 जनवरी को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। देर रात प्रदेश सरकार ने उन्हें निलंबित कर शामली के जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। बरेली के मंडलायुक्त को मामले की जांच सौंपी थी। मंगलवार को दिनभर अलंकार और उनके समर्थकों का धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी और हंगामा चलता रहा। इसके बाद उनके आवास पर फोर्स तैनात कर दी गई। उन्हें बाहर ही नहीं निकलने दिया गया। 

इसे लेकर अलंकार ने कहा था कि उन्हें नजरबंद किया गया और सीसी कैमरे लगाकर उनकी निगरानी कराई जा रही है। इस बीच वह आवास के गेट तक आए। ताला लगा होने के कारण अंदर से ही पत्रकारों से मानवाधिकार और निजता के अधिकार के हनन की बात कहकर लौट गए। बुधवार को दोपहर एक बजे के बाद उनके लिए निजी कार मंगाई गई। उन्हें पुलिस और प्रशासन के कर्मियों के साथ लखनऊ के लिए रवाना कर दिया गया। हालांकि, एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने बताया कि अग्निहोत्री अपनी इच्छा से बरेली से गए हैं। उन्हें जबरन नहीं भेजा गया है। 
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