बरेली। अमर ज्योति चिट फंड कंपनी में निवेश के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी बारादरी थाना क्षेत्र के कटरा चांद खां निवासी सूर्यकांत और शशिकांत मौर्य को पुलिस ने बी वारंट पर बरेली लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है। दोनों भाइयों के साथ बारादरी थाने में ठगी के चार मामले दर्ज हैं। मंगलवार को एसटीएफ ने आरोपियों को लखनऊ से गिरफ्तार किया था। इस समय दोनों बदायूं जेल में है। हालांकि, आरोपियों के तीसरे भाई श्रीकांत की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
सूर्यकांत, शशिकांत और श्रीकांत ने 10 साल पहले चार चिट फंड कंपनियां बनाईं। बदायूं और बरेली में इनके कार्यालय खोले। कमीशन के आधार पर 200 से ज्यादा एजेंटों की भर्ती करने के बाद लोगों से रकम दोगुनी करने के नाम पर कंपनियों में 200 करोड़ से ज्यादा निवेश कराया। पहले तो कुछ दिन आरोपी निवेशकों को भुगतान करते रहे, लेकिन बाद में भुगतान करना बंद कर दिया और जुलाई 2025 में रातों-रात कंपनियों के कार्यालय बंद कर भूमिगत हो गए। बदायूं से लेकर बरेली तक आरोपियों के खिलाफ ठगी का शिकार निवेशकों ने प्रदर्शन किए। कटरा चांद खां निवासी विनीता मौर्य ने जुलाई में पहली बार सूर्यकांत, शशिकांत, श्रीकांत और कंपनी के एजेंट सूरज यादव के खिलाफ पांच लाख रुपये ठगी की पहली रिपोर्ट दर्ज कराई।
इसके बाद आरोपियों के खिलाफ एक के बाद एक तीन और रिपोर्ट दर्ज की गईं। बारादरी थाने में दर्ज एक अन्य मामले में तीनों भाइयों के साथ कंपनी एजेंट अनुराग, देवेंद्र, आशीष पटेल और दीपक मौर्य भी आरोपी हैं। इनकी भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। एएसपी अंशिका वर्मा ने बताया कि आरोपियों को बरेली में दर्ज मामलों के लिए बी वारंट पर लाया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।