शासन के निर्देश पर जिले में बिना मान्यता के संचालित मदरसों का सर्वे कराया गया। दस अक्तूबर तक सर्वे पूरा हो गया। जिले में 25 मदरसे ऐसे मिले जिनके पास मान्यता नहीं थी। इसमें पीलीभीत सदर क्षेत्र में छह, पूरनपुर और न्यूरिया में चार-चार, अमरिया में तीन और कलीनगर में एक मदरसा बिना मान्यता संचालित मिला।
बिना मान्यता वाले मदरसों का सर्वे पूरा हो गया है। पीलीभीत जिले में 25 ऐसे मदरसे मिले हैं जिनके पास मान्यता नहीं है। अब डीएम के माध्यम से रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जिले में 220 मदरसे मान्यता प्राप्त हैं। इसमें 79 मदरसे आधुनिकीकरण योजना के हैं, जिनके वेतन का कुछ हिस्सा सरकार की तरफ से दिया जाता है।
विज्ञापन
शासन के निर्देश पर जिले में बिना मान्यता के संचालित मदरसों का सर्वे कराया गया। दस अक्तूबर तक सर्वे पूरा हो गया। जिले में 25 मदरसे ऐसे मिले जिनके पास मान्यता नहीं थी। इसमें पीलीभीत सदर क्षेत्र में छह, पूरनपुर और न्यूरिया में चार-चार, अमरिया में तीन और कलीनगर में एक मदरसा बिना मान्यता संचालित मिला।
दो अन्य जगहों पर दो मदरसे मिले हैं। शहर के आसपास के इलाके में पांच अन्य मदरसे बिना मान्यता के मिले हैं। इनमें ज्यादातर मदरसे किराए के भवन में संचालित मिले। इनके पास विद्यार्थियों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं नहीं मिलीं। बच्चों की संख्या भी काफी कम मिली।
विज्ञापन
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि सर्वे का कार्य पूरा हो गया है। बिना मान्यता वाले 25 मदरसे मिले हैं। रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। डीएम के माध्यम से रिपोर्ट शासन को जाएगी।
पांच साल से नहीं मिली किसी नए मदरसे को मान्यता
शासन ने मदरसों का मान्यता देने पर रोक लगा रखी है। करीब पांच साल से जिले में एक भी मदरसे को मान्यता नहीं मिली। इस दौरान किसी ने आवेदन भी नहीं किया।