राजस्व और कृषि विभाग की टीमें फिलहाल सर्वे कर रही हैं। फसलों के नुकसान के बदले प्रति एकड़ न्यूनतम दो से 17 हजार रुपये तक ही मुआवजा दिया जाएगा। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बार-बार हो रही बारिश के कारण सर्वे का काम पिछड़ रहा है। दो दिन में सर्वे पूरा कर रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी।
बड़ी संख्या में किसानों को नहीं मिलेगा मुआवजा
बारिश से फसलों को नुकसान होने के बावजूद जिले में बड़ी संख्या में किसानों को मुआवजा नहीं मिलेगा। ऐसा मुआवजा नियमों के कारण हो रहा है। दरअसल, व्यवस्था है कि अगर फसल की बीमा नहीं है और दैवी आपदा से नुकसान हुआ है तो 33 फीसदी अधिक नुकसान पर ही मुआवजा दिया जाएगा। सर्वे के दौरान राजस्व विभाग की टीमें आकलन के आधार पर 33 फीसदी से कम नुकसान वाले किसानों को मुआवजा सूची में शामिल नहीं कर रहे।
जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र चौधरी ने बताया कि बारिश से फसलों के नुकसान का अभी सर्वे पूरा नहीं हुआ है। बार-बार हो रही बारिश के कारण इसमें देरी हो रही है। उम्मीद है कि दो दिन में सर्वे पूरा हो जाएगा। जिन किसानों की फसलों का बीमा नहीं है उनको 33 फीसदी से अधिक नुकसान पर ही मुआवजा दिया जाएगा।