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Bareilly News: बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे पूरा नहीं, मुआवजा मिलने में होगी देरी

Wed, 05 Apr 2023 06:32 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम अभी सर्वे कर रही है। अब तक हुए सर्वे में 3090 ही ऐसे किसान मिले हैं, जिनकी फसलों को 33 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ है। बार-बार बारिश के कारण सर्वे भी पूरा नहीं हो पा रहा।
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बारिश से खेत में गिरी गेहूं की फसल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बारिश के कारण रबी की फसलों को हुए नुकसान का सर्वे पूरा कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद किसानों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी। बरेली में कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम अभी सर्वे कर रही है। अब तक हुए सर्वे में 3090 ही ऐसे किसान मिले हैं, जिनकी फसलों को 33 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ है। बार-बार बारिश के कारण सर्वे भी पूरा नहीं हो पा रहा।

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बारिश और ओलाबृष्टि के कारण जिले में सबसे ज्यादा नुकसान बहेड़ी, आंवला और फरीदपुर तहसील क्षेत्र में हुआ है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में रबी फसलों में अकेले गेहूं का रकबा ही 1.95 हेक्टेयर से ज्यादा है। इसके अलावा चना, सरसों की फसलें भी हैं। 

11 हजार किसानों की फसलों का है बीमा 

बार-बार हो रही बारिश के कारण फसलों को नुकसान बढ़ता जा रहा है। जिले में 11 हजार किसान ऐसे हैं, जिनकी फसलों का बीमा है। इन किसानों को फसलों को हुए नुकसान के आधार पर बीमा कंपनी मुआवजा देगी। दूसरी ओर जिन किसानों की फसलें बीमित नहीं हैं उनको 33 फीसदी से ज्यादा नुकसान होने की दशा में ही मुआवजा दिया जाएगा।

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राजस्व और कृषि विभाग की टीमें फिलहाल सर्वे कर रही हैं। फसलों के नुकसान के बदले प्रति एकड़ न्यूनतम दो से 17 हजार रुपये तक ही मुआवजा दिया जाएगा। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बार-बार हो रही बारिश के कारण सर्वे का काम पिछड़ रहा है। दो दिन में सर्वे पूरा कर रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी।

बड़ी संख्या में किसानों को नहीं मिलेगा मुआवजा

बारिश से फसलों को नुकसान होने के बावजूद जिले में बड़ी संख्या में किसानों को मुआवजा नहीं मिलेगा। ऐसा मुआवजा नियमों के कारण हो रहा है। दरअसल, व्यवस्था है कि अगर फसल की बीमा नहीं है और दैवी आपदा से नुकसान हुआ है तो 33 फीसदी अधिक नुकसान पर ही मुआवजा दिया जाएगा। सर्वे के दौरान राजस्व विभाग की टीमें आकलन के आधार पर 33 फीसदी से कम नुकसान वाले किसानों को मुआवजा सूची में शामिल नहीं कर रहे।

जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र चौधरी ने बताया कि बारिश से फसलों के नुकसान का अभी सर्वे पूरा नहीं हुआ है। बार-बार हो रही बारिश के कारण इसमें देरी हो रही है। उम्मीद है कि दो दिन में सर्वे पूरा हो जाएगा। जिन किसानों की फसलों का बीमा नहीं है उनको 33 फीसदी से अधिक नुकसान पर ही मुआवजा दिया जाएगा।
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