बरेली। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना में कथित फर्जीवाड़े और मृतकों के नाम पर सब्सिडी हड़पने के आरोपों से घिरी सनराइज इंटरप्राइजेज को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी है। सीडीओ ने इसके लिए यूपी नेडा के निदेशक को पत्र भेजा है।
बीते दिनों मामला उजागर होने के बाद यूपी नेडा के वरिष्ठ लिपिक रघुवर दयाल की ओर से संबंधित थाने में वेंडर के खिलाफ तहरीर दी गई थी। वहीं शासन की ओर से आई दो सदस्यीय टीम ने मामले की जांच कर रिपोर्ट भी शासन को सौंप दी है। जांच में सामने आया कि विभाग के पंजीकृत वेंडर सनराइज इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर आशु गुप्ता ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी लाभार्थियों के नाम पर आवेदन प्रस्तुत किए और सब्सिडी प्राप्त कर ली।
शिकायत के अनुसार, वेंडर की ओर से कुल 29 आवेदन किए गए थे। इनमें से नौ आवेदनों की जांच कराई गई तो प्रथम दृष्टया आठ आवेदन फर्जी पाए गए, जबकि एक स्थान पर ही सोलर सिस्टम स्थापित मिला। कुछ आवेदन मृत व्यक्तियों के नाम पर और कुछ ऐसे लोगों के नाम पर किए गए, जिन्होंने कभी सोलर पैनल लगाने के लिए आवेदन ही नहीं किया था।
आरोप है कि फर्जी मोबाइल नंबर, कूटरचित चेक और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सरकारी धन का गबन किया गया। अब इस कंपनी से जिले में किसी भी प्रकार का कोई कार्य न लिया जाए। इसको लेकर सीडीओ देवयानी ने नेडा के निदेशक को पत्र लिखकर कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने के लिए कहा है।
बीते दिनों शासन स्तर से आई टीम ने पीएम सूर्यघर योजना में हुए फर्जीवाड़े की जांच की है। जांच में सनराइज इंटरप्राइजेज की अनियमितता सामने आई है। कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने के लिए नेडा के निदेशक को पत्र भेजा गया है। - देवयानी, सीडीओ