बरेली। जिला पंचायत चुनाव बीतते ही बसपा में घमासान शुरू हो गया है। पांच सदस्यों ने वोट सपा प्रत्याशी को दे दिए। जिलाध्यक्ष खुद हार गए। इससे बसपा नेतृत्व की काफी फजीहत हुई है। इस मामले में विधायक सुल्तान बेग निशाने पर आ गए हैं। स्थानीय संगठन ने पूरी रिपोर्ट हाईकमान तक पहुंचा दी है। बसपा सुप्रीमो ने संकेत दिए कि 20 जनवरी में समीक्षा बैठक होगी। बताया जाता है कि राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी बरेली आकर समीक्षा करेंगे। इसमें विधायक और उनके समर्थकों द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुनाव के दौरान हुई गतिविधियाें को मामला उठेगा। बताया जाता है कि हाईकमान विधायक मामले में जल्दबाजी नहीं करना चाहता है।
सदस्य नीरू सागर और आशेराम गंगवार ने क्रास वोट किए। हाईकमान निर्देश पर स्थानीय इकाई ने इन दोनों को बाहर का रास्ता दिखा दिया, लेकिन विधायक समर्थक तीनों सदस्यों बुंदन, रमाकांत सिंह और अली मोहम्मद को लेकर संगठन ने चुप्पी साध लिया। जिलाध्यक्ष ने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि तीन सदस्यों ने सपा ज्वाइन कर ली इसलिए कोई कार्रवाई करने का मतलब ही नहीं बनता है।
उधर, जिलाध्यक्ष राजेश सागर ने बसपा विधायक सुल्तान बेग की संदिग्धता की पूरी रिपोर्ट जोनल कोआर्डिनेटर को सौंप दी है। नौ जनवरी में बसपा सुप्रीमो ने बरेली संगठन से मुलाकात कर संगठन संबंधी गतिविधियां पूछी। बरेली से वरिष्ठ नेता बीआर प्रसाद अपने बेटे के बामसेफ अध्यक्ष अजय प्रसाद के साथ पहुंचे थे। जिला पंचायत पर चर्चा हुई तो बातों बातों में विधायक सुल्तान बेग ने जो रोल किया उसकी जानकारी दी गयी।
‘जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुनाव में पांच सदस्यों ने दगा दिया। तीन सदस्य विधायक सुल्तान बेग से जुड़े हुए हैं। मामले की पूरी जानकारी संगठन प्रमुखों तक पहुंचा दी है।’
- राजेश सागर, बसपा, जिलाध्यक्ष