बरेली। कोरोना के दौर में बेरोजगार हुए युवक ने एम टेक की डिग्री होने के बावजूद रामपुर बाग के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी कबूल तो कर ली लेकिन खुद को योग्यता के मुताबिक काम न मिलने के अवसाद से नहीं बचा सका। शनिवार रात उसने कोचिंग इंस्टीट्यूट में ही फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया है।
आलमगिरीगंज में रहने वाले 22 वर्षीय अतुल सिंह ने एम टेक तक पढ़ाई की थी। रविवार सुबह करीब दस बजे उनका शव कोचिंग इंस्टीट्यूट के एक कमरे में टेलीफोन केबल से लटका मिला। कोचिंग मालिक अर्जुन की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा। इंस्पेक्टर कोतवाली गीतेश कपिल के मुताबिक अतुल ने कुर्सी नीचे रखकर कमरे की कड़ी में केबल बांधकर खुदकुशी की। वह नशा भी करते थे और उनमें अवसादग्रस्त होने के लक्षण थे। अतुल की खुदकुशी की सूचना पर उनके छोटे भाई कमल सिंह और मामा डीपी सिंह भी मौके पर पहुंचे। अर्जुन ने बताया कि कुछ समय पहले अतुल उनके पास नौकरी के लिए आए थे। शिक्षक की जगह नहीं थी तो उन्होंने रिसेप्शन संभालने का काम दे दिया। अतुल कोचिंग के एक कमरे में रहते थे। वहीं उन्होंने खुदकुशी की।
पढ़ने में जहीन था फिर भी किस्मत ने नहीं दिया साथ
अतुल के मामा डीपी सिंह ने बताया कि उनके बहनोई डॉ. लक्ष्मी नारायण पशु चिकित्सक थे जिनकी मौत के बाद मृतकआश्रित कोटे में उनकी बहन को नौकरी मिल गई। बहन की मौत के बाद बतौर मृतकआश्रित अतुल के सबसे छोटे भाई कमल को नौकरी मिली। अतुल शुरू से पढ़ाई में बहुत अच्छा था। एम टेक करने के बाद उसने कई जगह नौकरी की। नोएडा में रहते हुए वह नशा करने लगा। साल भर पहले एक्सीडेंट होने के बाद वह लंबे समय तक बिस्तर पर रहा और अवसाद में घिर गया। वह परिवार वालों से भी खास मतलब नहीं रखता था। लॉकडाउन से पहले तक अतुल घरों में जाकर ट्यूशन देता था लेकिन कोरोनाकाल में यह काम भी बंद हो गया। इससे वह और ज्यादा अवसाद में घिर गया। दो महीने पहले ही उसने रामपुर बाग की इस कोचिंग में काम शुरू किया था।
पत्नी के छोड़कर चले जाने
के अवसाद में खुदकुशी की
आलमगीरीगंज की शीरा मंडी में हुई घटना
बरेली। आलमगीरीगंज की शीरा मंडी में रहने वाले 36 वर्षीय दीपू भारद्वाज ने शनिवार रात फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। दीपू के साले शिवम की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इंस्पेक्टर कोतवाली गीतेश कपिल ने बताया कि दीपू मूलरूप से कोहाड़ापीर का निवासी था और आलमगीरीगंज में अपनी ससुराल में रहता था। उसके 11 साल की बेटी और आठ साल का बेटा है। करीब तीन महीने पहले दीपू की पत्नी अपने बहनोई के साथ चली गई। तबसे वह अवसादग्रस्त हो गया था। शनिवार रात उसने पांच कुर्सियां नीचे रखकर कमरे की कड़ी में चादर बांधकर खुदकुशी कर ली।