बरेली। लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष संपन्न कराने समेत पर्यावरण संरक्षण के प्रति चुनाव आयोग गंभीर है। निर्वाचन कार्यालय समेत राजनीतिक दलों को दिशा-निर्देश जारी किए है। सिंगल यूज प्लास्टिक से बचने, जरूरत के मुताबिक कागज का प्रयोग करने के लिए कहा है।
जिला निर्वाचन कार्यालय से जारी सूचना के अनुसार चुनाव में गैर-जैव निम्नीकरणीय सामग्रियों के प्रयोग से पर्यावरण संबंधी खतरों से बचाव के लिए पर्यावरण अनुकूल चुनाव कराने के लिए कहा है। इसमें राजनीतिक दलों के साथ-साथ चुनाव पदाधिकारियों को चुनाव सामग्री में प्लास्टिक का उपयोग न करने से लेकर चुनाव पूर्व, प्रचार, मतदान, मतगणना आदि के दौरान छपाई, अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कहा है।
मतदान केंद्र और अभियान के दौरान रिसाइकिलिंग के लिए कचरे का उचित प्रबंधन करने का सुझाव दिया है। अधिकारियों को कचरा संग्रह प्रक्रिया की निगरानी के लिए कहा है। राजनीतिक दलों को प्लास्टिक की थैली, बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स आदि के प्रयोग से बचने की भी अपील की है।
कागज बचाने के लिए डबल साइड प्रिंटिंग का सुझाव
आयोग ने मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची, चुनाव सामग्री के लिए कागज का प्रयोग कम करने, जरूरत के मुताबिक ही छपाई कराने, दस्तावेजों की जांच के बाद छपने के लिए भेजने, डबल साइड प्रिंटिंग कराने, ले-आउट ऐसा हो कि जिससे कम कागज लगे, ई-बुक, इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज का ज्यादा प्रयोग करने का सुझाव दिया है।
कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन का करें प्रयोग
निर्वाचन में ईंधन की खपत कम करने के लिए परिवहन के लिए पर्यावरण अनुकूल वाहन के प्रयोग को बढ़ावा देने को कहा है। कार पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा प्रयोग करने, नए ऊर्जा स्रोत अपनाने, मतदान स्थल को समेकित करने के लिए कहा है। ताकि चुनाव अधिकारियों और मतदाताओं को बेवजह लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रयोग से करें जागरूक
मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए चल रही स्वीप गतिविधि में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रयोग पर जोर दिया है। इसके लिए अधिकारी, गैर सरकारी संगठन, सामुदायिक समूहों को मिलकर कार्य करने के लिए कहा है। वर्चुअल टाउन हॉल, ऑनलाइन चर्चा को बढ़ावा देकर साइनेज, बैनरों पर निर्भरता कम करने के लिए कहा है।