नवाबगंज-बहेड़ी मिलों पर पिछले सत्रों की बकायेदारी
नवाबगंज की ओसवाल शुगर मिल पर किसानों का पिछले दो वर्षों का कुल 57.45 करोड़ रुपये बाकी है। इसमें वर्ष 2023-24 का 18 करोड़ और वर्ष 2024-25 का 39.45 करोड रुपये गन्ना मूल्य शामिल है। इसके अलावा मिल पर सहकारी गन्ना समिति का बकाया और ब्याज समेत कुल 70 करोड़ रुपये की बकायेदारी है। शासन-प्रशासन की तमाम कोशिश के बाद भी चीनी मिल ने इसका भुगतान नहीं किया है। बहेड़ी की केसर चीनी मिल पर भी किसानों का गन्ना मूल्य बकाया चल रहा है।
689 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बाकी
वर्तमान में जिले की पांच चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 689.48 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। हालांकि, यह बकाया राशि 14 दिन के अंतराल पर खरीदे गए गन्ना मूल्य की है। इसलिए भुगतान के मामले में चीनी मिलों को अभी डिफाल्टर नहीं माना गया है। फरीदपुर चीनी मिल पर 225.30 करोड़, बहेड़ी पर 164.97 करोड़, मीरगंज पर 234.87 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। इसी तरह बहादुरगंज चीनी मिल पर 20 लाख और सहकारी चीनी मिल सेमीखेड़ा पर 64.14 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है।
डीजल आधारित नलकूपों को मिलेगी सौर ऊर्जा की सुविधा
जिले में डीजल आधारित नलकूपों को सौर ऊर्जा की सुविधा देने की बात बजट में कही गई है। हालांकि, पीएम किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) में पिछले साल 703 डीजल आधारित नलकूपों को सौर ऊर्जा से जोड़ा गया है। इस साल भी 41 किसानों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
पिछली बार 1189 किसानों ने अपने डीजल आधारित नलकूपों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की मांग की थी। इसमें 736 के आवेदन स्वीकृत हुए थे। 703 किसानों के नलकूपों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का काम पूरा हो गया है। इस बार 63 किसानों ने बुकिंग कराई थी। उप निदेशक कृषि हिमांशु पांडेय ने बताया कि 63 में केवल 41 किसानों ने ही अंशदान जमा किया है। नए बजट में किए गए प्रावधानों से जिले को मिलने वाले लक्ष्य में वृद्धि होगी और इसका लाभ किसानों को मिलेगा।