बरेली। जिले में चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद फिलहाल पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। जिले में रोजाना औसतन 5 हजार क्विंटल चीनी की खपत होती है। चीनी मिलों में करीब 2.83 लाख क्विंटल चीनी का भंडार है, जो लगभग 57 दिनों की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त है। इसके बावजूद फुटकर बाजार में चीनी के दाम नीचे आने का नाम नहीं ले रहे हैं।
गन्ना विभाग की 23 अगस्त तक की रिपोर्ट के अनुसार, जिले की पांच चीनी मिलों में से सेमीखेड़ा के पास 150819 क्विंटल चीनी है। फरीदपुर की चीनी मिल के पास 133422 क्विंटल चीनी का स्टॉक है। यह मौजूदा भंडार जिले की करीब दो महीने की जरूरत पूरी कर सकता है। फिलहाल चीनी की उपलब्धता को लेकर कोई तत्काल संकट नहीं है। इसके बावजूद फुटकर बाजार में चीनी के दाम नीचे नहीं आ रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार, मिल गेट से चीनी करीब 59 रुपये प्रति किलो के भाव में निकल रही है। परिवहन लागत, थोक एवं फुटकर कारोबारियों का मार्जिन इसमें जुड़ जाता है। अन्य खर्चों के कारण इसकी कीमत बाजार में और बढ़ जाती है। यही वजह है कि ग्राहकों को फुटकर बाजार में महंगी चीनी खरीदनी पड़ रही है।
कीमतों में बढ़ोतरी का कारण
व्यापारियों के अनुसार मिल गेट से चीनी 59 रुपये प्रति किलो के भाव में निकलती है। सप्लायरों को यह 5900 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मिलती है। इसके बाद परिवहन लागत और थोक व फुटकर कारोबारियों का मार्जिन जुड़ता है। इन अतिरिक्त खर्चों के कारण बाजार में चीनी महंगी हो जाती है। पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद ग्राहकों को अधिक दाम चुकाने पड़ते हैं।
चीनी की मांग में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं
बरेली शहर के चीनी सप्लायर रोहित बंसल ने बताया कि चीनी की मांग में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं है। जिले में करीब 24 चीनी सप्लायर हैं। औसतन 5 हजार क्विंटल की खपत रोजाना हो रही है। सप्लायर कृष्ण अग्रवाल ने बताया कि बरेली से मंडल के साथ ही बंगाल और झारखंड जैसे अन्य राज्यों में भी चीनी की आपूर्ति होती है। मिलों से चीनी की आपूर्ति में कोई परेशानी नहीं आई है।
वर्जन
सरकार की ओर से निर्धारित मूल्यों के आधार पर ही चीनी की बिक्री हो रही है। बाजार में चीनी का स्टॉक भरपूर है। किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है। - मनीष कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी