थोक दुकानदार गुलशन गुप्ता ने बताया कि सितंबर में चीनी के दाम करीब 40 रुपये प्रति किलो चल रहे थे, लेकिन इसके बाद से लगातार कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। थोक बाजार में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। चीनी महंगी होने से मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की लागत बढ़ने की संभावना है, जिसका असर त्योहारी सीजन में देखने को मिल सकता है। हालांकि, कारोबारियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
आम जनता की जेब पर पड़ेगा असर
बताया जा रहा है कि जिले में संचालित चीनी मिलें दो से तीन दिन के भीतर शुरू होने वाली हैं। मिलों में उत्पादन शुरू होने के बाद बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ सकती है, जिससे कीमतों में कुछ गिरावट आने की संभावना है। शहर का श्यामगंज बाजार चीनी के कारोबार का प्रमुख बाजार है। यहां से बड़ी मात्रा में चीनी की खपत होती है और आसपास के जिलों में भी इसकी आपूर्ति की जाती है। फिलहाल दिवाली पर चीनी की महंगाई का असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा।