पिछले दिनों तक गन्ना खरीद में आनाकानी करने वाली चीनी मिलें अब एक दूसरे के क्षेत्र से जाकर खरीदारी करने लगी हैं। गन्ना नीति को भी ताक पर रख दिया है। डीएसएम शुगर मिल मीरगंज (बरेली) कल्यानपुर गांव से फर्जी सट्टे के जरिए गन्ना खरीद कर रही थी। कई गांवों में किसानों के नाम से जाली सट्टा तैयार कर लिया गया था। इन सभी का गांव कल्याणपुर और कोड फर्जी पाए गए हैं। दर्जन भर किसानों में नौ किसान का डीएसएम मीरगंज और दो त्रिवेणी मिलनरायनपुर और एक राणा शुगर लिमिटेड करीमगंज का सट्टा है। समिति को डी.एस.एम. मीरगंज ने बी. डब्लू. यू.पी. ग्रामीण बैंक के नाम से किसानों की बैंक एडवाईज भेजी गई ,लेकिन मिलक में इस नाम का कोई बैंक ही नहीं है। मामला पकड़ में आने पर गन्ना समिति के सचिव निरंजन सिंह ने मामले में छद्म अभिलेख तैयार कर दूसरी मिल क्षेत्रों से अवैध गन्ना खरीद के अभिलेखोंको छुपाने के लिए डीएसएम शुगर इकाई मीरगंज बरेली के अध्यासी अरविंद कुमार दीक्षित, कृष्ण पाल सिंह सहायक महाप्रबंधक(गन्ना) के खिलाफ छल, जालसाजी और छुपाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी, जिस पर यह मुकदमा दर्ज हो गया।