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महंगाई ने छीनी मिठास: बरेली में चीनी 60 रुपये किलो, जमाखोरी रोकने के लिए स्टॉक सीमा तय

Thu, 15 Oct 2026 12:25 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

त्योहारी सीजन शुरू होते ही चीनी के दाम फिर बढ़ गए हैं। बरेली में चीनी की कीमत 50 से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो हो गई है। ऐसे में प्रशासन ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। 
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चीनी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका में प्रदेश सरकार ने एक हजार किलो स्टॉक की सीमा निर्धारित कर दी है। बरेली जिले में चीनी की कीमत 50 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 60 रुपये तक पहुंच गई है, जिससे आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि तय स्टॉक से अधिक पाए जाने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चीनी की जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत पूर्ति कार्यालय में की जा सकती है।

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जिले में 85 हजार क्विंटल है स्टॉक 
अक्तूबर की शुरुआत में चीनी 50 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। अब कीमत 60 रुपये तक पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी ने घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। गन्ना समिति के अनुसार, जिले की सेमीखेड़ा चीनी मिल और फरीदपुर स्थित द्वारिकेश शुगर मिल के पास 85 हजार क्विंटल चीनी का स्टॉक बचा है, जबकि जिले में रोज पांच हजार क्विंटल चीनी की खपत होती है। श्यामगंज मंडी से शाहजहांपुर, बदायूं, पीलीभीत और उत्तराखंड तक चीनी की आपूर्ति होती है। ऐसे में सीमित स्टॉक और बढ़ती मांग के बीच कीमतों पर नियंत्रण रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। 
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