रामनगर। कर्ज में डूबे भमोरा इलाके के गांव तख्तपुर में रहने वाले 40 वर्षीय किसान भगवान दास ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिवार वालों का आरोप है कि बैंककर्मी लोन के 40 हजार रुपये अदा करने का उन पर दबाव बना रहे थे और पिछले एक सप्ताह से घर आकर अपमानित करते थे।
भगवान दास के बड़े भाई लालता प्रसाद के मुताबिक उन्होंने पिछले साल भूमि विकास बैंक से 40 हजार रुपये का लोन लिया था। फिर बेटे की शादी और उसके बाद बारिश के चलते फसल तबाह हो गई। इस वजह से वह लोन अदा नहीं कर सके। पिछले करीब एक सप्ताह से बैंक के कर्मचारी उनके घर जाकर लोन जमा करने का दबाव बना रहे थे और अपमानित करते थे। लालता प्रसाद का आरोप है कि बैंक कर्मचारी ब्याज समेत दो लाख रुपये बताकर भगवान दास को प्रताड़ित कर रहे थे। इस वजह से उन्होंने खाना पीना छोड़ दिया था और दिन-रात कर्ज की चिंता में डूबे रहते थे। फिर शनिवार को उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। उनकी हालत बिगड़ी तो परिवार वाले पड़ोस के ही क्लीनिक में लेकर पहुंचे लेकिन गंभीर हालत के चलते उन्हें वहां से ले जाने को कह दिया। शाम करीब पांच बजे परिजन उन्हें बरेली ले जाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन तब तक उन्होंने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
बैंक वालों के प्रति लोगों में आक्रोश
इस घटना को लेकर बैंक वालों के प्रति गांव वालों में आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि बैंक वाले 40 हजार रुपये के दो लाख रुपये बताकर भगवान दास का उत्पीड़न कर रहे थे। इस वजह से ही उन्होंने खुदकुशी कर ली। उनके परिजन ने भी बैंक वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।