बरेली। कृषि यंत्र की सब्सिडी जारी न करने वाले लिपिक पर किसान ने आरोप लगाया तो उप निदेशक कृषि ने उसको चेतावनी देते हुए थाने को पत्र लिख दिया है। लेकिन आरोपित लिपिक के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं और न ही किसान को सब्सिडी का भुगतान किया है। इससे किसानों में आक्रोश है और उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
मझगंवा ब्लाक के गांव शिवनगर नौगवां निवासी किसान चेतन्य प्रकाश ने कृषि यंत्रीकरण योजना से 1.10 लाख रुपये में रोटावेटर खरीदा था। योजना के अंतर्गत उसे 42 हजार रुपये की सब्सिडी मिलनी है। रोटावेटर खरीदने के बाद उसकी जांच 28 दिसंबर को हुई। जांच के बाद उसके खाते में सब्सिडी आनी थी। आरोप है कि सब्सिडी जारी करने के लिए उपनिदेशक कृषि कार्यालय में तैनात लिपिक प्रखर सक्सेना ने उनसे पांच हजार रुपये मांगे। किसान ने नहीं दिया तो उसकी सब्सिडी जारी नहीं की गई। किसान ने 20 फरवरी को इसकी शिकायत शपथ पत्र पर डीएम व अन्य उच्च अधिकारियों से की। उसके बाद उप निदेशक कृषि अभिनंदन सिंह ने 21 फरवरी को किसान को नोटिस भेजकर अगले दिन ही जवाब दाखिल करने को कहा। किसान ने कहा कि उनको जवाब देने का समय कम दिया गया है। अब उप निदेशक ने किसान के खिलाफ भोजीपुरा थाने में पत्र भेजा है। लिखा कि किसान ने राजपत्रित अधिकारी के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। इससे अन्य किसानों में भी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि विभाग के अफसर और लिपिक किसानों की मदद करने के बजाय परेशान कर रहे हैं। किसान ने बताया कि उस लिपिक पर पहले भी अपने खाते में योजना की धनराशि लेने के आरोप लगे हैं। फिर भी अफसर उसे बचाने में लगे हैं। संवाद