फरीदपुर थाने में डेढ़ साल से तैनात दरोगा सुनील कुमार वर्मा मूल रूप से जिला बिजनौर के थाना शहर के रसीदपुर गढ़ी का निवासी है। काफी समय से उसका परिवार रामपुर के थाना सिविल लाइंस की विष्णु विहार कॉलोनी ज्वाला नगर में रहता है। फरीदपुर थाने के गांव भगवंतापुर निवासी रेहान अंसारी से उसने जानलेवा हमले के एक मामले की विवेचना में फायदा पहुंचाने और आरोपियों के नाम निकालकर मामले को खत्म करने का वादा किया था। इसके लिए एक लाख रुपये की रिश्वत तय की गई। रेहान ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की थी।
शुक्रवार को दरोगा ने रेहान को रुपये लेकर थाने बुलाया था। रेहान की सूचना पर एंटी करप्शन की टीम ने इंस्पेक्टर प्रवीन सान्याल के नेतृत्व में जाल बिछा दिया। दरोगा सुनील कुमार रुपये लेने के लिए रेहान को फरीदपुर थाने में रसोई के सामने पीपल के पेड़ के नीचे ले गया। रेहान ने उसे 10 हजार रुपये दिए तभी एंटी करप्शन की ट्रैप टीम ने दरोगा को दबोच लिया। दरोगा ने वर्दी का रौब भी दिखाया, लेकिन जब उसे पता लगा कि अब वह फंस चुका है तब उसके होश उड़ गए।