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कानून की पढ़ाई में उम्र की बंदिशें

Mon, 26 Sep 2016 12:55 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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कानून की पढ़ाई में अब बार काउंसिल ऑफ  इंडिया (बीसीआई) ने अब उम्र की सीमा और कानून का बंधन तय कर दिया है। बीसीआई ने तीन साल और पांच साल के एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अधिकतम उम्र की पाबंदी लगा दी है। अब तीस साल से ज्यादा उम्र वाले लोग वकील नहीं बन सकेंगे। बीसीआई के संयुक्त सचिव अशोक कुमार पांडेय ने देश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव और लॉ कॉलेज के प्राचार्य को आदेश जारी किया है कि वह एलएलबी प्रवेश के लिए कानूनी शिक्षा नियम 2008 के अनुच्छेद 28 का पालन सुनिश्चित करें। 
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 इस नियम के तहत एलएलबी पांच वर्षीय एलएलबी इंटेग्रेटिड प्रोग्राम में बीस साल से अधिक आयु वाले को प्रवेश नहीं मिल सकेगा। हालांकि एससी और एसटी छात्रों को अधिकतम उम्र सीमा में दो साल की छूट मिलेगी। इनको 22 साल उम्र तक भी इंटेग्रेटिड कोर्स में प्रवेश दिया जाएगा। वहीं तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स में तीस साल की आयु निर्धारित की गई है। इसमें विश्वविद्यालयों को आयु सीमा में छूट देने का अधिकार दिया गया है लेकिन यह छूट पांच साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। हालांकि यह आदेश इस सत्र से लागू नहीं हो सकेगा। अधिकतर विश्वविद्यालयों के लॉ के प्रवेश पूरे हो चुके हैं। उम्र का बाध्यता अगले शैक्षिक सत्र से लॉ के प्रवेश में लागू की जाएगी।

पहले भी जारी हो चुका है आदेश
बरेली कॉलेज के विधि विभाग के हेड डॉ. दीपक आनंद ने बताया कि कुछ साल पहले बार काउंसिल ऑफ इंडिया पहले भी उम्र सीमा निर्धारित कर चुका है। हालांकि बाद में इसको निरस्त कर दिया गया। अब इसको दोबारा लागू किया जाएगा।
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वर्जन 
इस सत्र के प्रवेश तो पूरे हो चुके हैं। विधि की पढ़ाई में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम माने जाएंगे। उम्र सीमा निर्धारित की है तो उसके अगले सत्र से लागू किया जाएगा।  
-प्रोफेसर वीपी सिंह, प्रति कुलपति विवि 


कुछ साल पहले बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने प्रवेश में उम्र की सीमा निर्धारित की थी। हालांकि कुछ साल बंद इसको बंद कर दिया। अब फिर लागू किया है। अब अगले सत्र से इसको लागू किया जाएगा।
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-डॉ. दीपक आनंद, हेड लॉ विभाग बरेली कॉलेज 
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