उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य जारी है। बरेली जिले के मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों को विद्यार्थियों की कॉपियों पर अजीबोगरीब अपीलें पढ़ने को मिल रही हैं, जिन्हें पढ़कर वे कभी हैरान हो रहे हैं तो कभी अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे। कॉपियों में सवालों के जवाबों की जगह कुछ विद्यार्थियों ने अपनी पारिवारिक मजबूरियां, धार्मिक आस्था और निजी जीवन के संकट लिखे हैं।
मूल्यांकन के दौरान एक मामला तब सामने आया जब इंटर के एक छात्र ने अपनी कॉपी में गुहार लगाते हुए लिखा, गुरु जी, मुझे पास कर दो प्लीज। छात्र ने अपनी मजबूरी बताते हुए लिखा कि उसके माता-पिता अक्सर बीमार रहते हैं और सुबह-शाम उनकी सेवा करने के साथ-साथ घर के अन्य कामों की जिम्मेदारी भी उसी पर है। इसके कारण वह पढ़ाई के लिए समय नहीं निकाल पाया। उसने आगे लिखा कि यदि वह फेल हो गया तो उसके बीमार माता-पिता को गहरा सदमा लगेगा, इसलिए उसे पास करना बहुत जरूरी है।
'फेल हुई तो घरवाले शादी करा देंगे'
सिर्फ छात्र ही नहीं, छात्राएं भी अपनी निजी परेशानियों का जिक्र कर परीक्षकों का दिल पसीजने की कोशिश कर रही हैं। एक छात्रा ने अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखा कि उसके घरवाले उसकी शादी कराने पर अड़े हैं। आगे लिखा कि परिवार ने उसे अल्टीमेटम दिया है कि यदि वह इंटर में फेल हुई, तो उसकी पढ़ाई छुड़वा दी जाएगी और गांव के ही किसी लड़के से उसकी शादी कर दी जाएगी। वहीं कुछ छात्रों ने तो यहां तक लिख दिया कि अगर वे फेल हुए तो किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचेंगे।
शिक्षकों का कहना है कि हर साल इस तरह की अपीलें देखने को मिलती हैं, लेकिन इस बार छात्रों ने अपनी निजी जिंदगी और शादी टूटने जैसे विषयों को भी उत्तर पुस्तिकाओं में शामिल कर लिया है। हालांकि, इन अपीलों का असर अंकों पर नहीं पड़ता।