बरेली। बीए-बीएससी के प्रथम सेमेस्टर में जिन विद्यार्थियों को एमएस ऑफिस या कंप्यूटर एप्लिकेशन जैसे विषय वोकेशनल के रूप में नहीं लेने हैं, वह उन्हें परिवर्तित कर सकेंगे। यही नहीं वोकेशनल फीस के नाम पर लिए जा रहे रुपयों को अगले सत्र में समायोजित किया जाएगा।
सछास कार्यकर्ताओं की ओर से चलाए गए हस्ताक्षर अभियान के बाद बैकफुट पर आए बरेली कॉलेज प्रशासन ने सोमवार को ये निर्णय लिए। हालांकि, बिजली-पानी, इंटरनेट सहित अन्य सुविधाओं के नाम पर लिए जा रहे 751 रुपये व एक अन्य मद में ली जा रही 200 रुपये की अतिरिक्त फीस को लेकर सहमति नहीं बन पाई। कॉलेज प्रशासन ने इस पर कोई भी निर्णय करने के लिए सात दिन का समय मांगा है।
फीस वृद्धि को लेकर सछास कार्यकर्ता लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। सोमवार सुबह से ही कॉलेज में हस्ताक्षर अभियान चलाया। छात्र-छात्राओं को पर्चे बांटकर इस आंदोलन शामिल होने का आह्वान किया। विद्यार्थियों की भीड़ बढ़ने पर कॉलेज प्रशासन ने पुलिस भी बुला ली। इसके बाद विरोध कर रहे विद्यार्थियों से वार्ता की गई। इस दौरान कॉलेज के जिम्मेदार कई मांगों पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
वार्ता के बाद प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने बताया कि जो विद्यार्थी विषय परिवर्तन कराना चाहते हैं वह प्रवेश पोर्टल पर लॉगिन करके कोई दूसरा वोकेशनल विषय (जो महाविद्यालय पढ़ाया जा रहा हो) उसे ले सकते हैं। विषयों की सूची पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। जो विद्यार्थी विषय बदलेंगे, उनकी वोकेशनल की फीस समायोजित कर ली जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो विद्यार्थी कंप्यूटर से संबंधित विषय का चयन नहीं करते उनका प्रति सेमेस्टर 800 रुपये का शुल्क समायोजित किया जाएगा। जो विद्यार्थी कंप्यूटर संबंधी विषय चुनते हैं, उनके 200 रुपये कम करते हुए सिर्फ 600 रुपये 2027-28 के शुल्क में समायोजित किए जाएंगे। किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय में प्रत्येक कार्यदिवस में पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर दो बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
दो गुटों में बंटे कार्यकर्ता
सोमवार को प्रदर्शन के दौरान सछास कार्यकर्ता दो गुटो में बंटे दिखाई दिए। एक गुट ने पूर्वी गेट तो दूसरे ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर अभियान चलाया। हालांकि, पदाधिकारियों ने तर्क दिया कि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों तक पहुंचने के लिए दो जगह अभियान चलाया गया। आंवला सांसद नीरज मौर्य, बरेली कॉलेज के छात्र संघ के प्रथम अध्यक्ष रहे अनुराग सिंह नीटू, पूर्व उपाध्यक्ष दीपक पांडेय भी पहुंचे। सछास के हृदेश यादव, विक्रांत सिंह, करन सिंह, अविनाश मिश्रा, गजेंद्र कुर्मी भी शामिल हुए।