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Bareilly News: खौफ के साए में विद्यार्थी... जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर

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बरेली। बरेली कॉलेज का ऐतिहासिक भवन जिम्मेदारों की बेपरवाही से जर्जर होता जा रहा है। कक्षाओं की छत से प्लास्टर गिर रहा है। खौफ के साये में विद्यार्थी पढ़ने को विवश हैं। रेगुलर पाठ्यक्रम के शिक्षक सेल्फ फाइनेंस कोर्स की तरह भवनों की मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने इस मामले में आंखें मूंद रखी हैं। इसके पीछे प्रबंध समिति और प्राचार्य के बीच समन्वय नहीं होना वजह मानी जा रही है।
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कॉलेज में प्रतिदिन हजारों की संख्या में विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। भवन पुराने हैं, रखरखाव के अभाव में कक्षाओं की स्थिति खराब है। फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी, मैथ्स, खेल विभाग आदि के भवन मरम्मत मांग रहे हैं। बारिश का पानी फर्श तक जाता है। प्लास्टर उखड़ कर गिर रहा है, जोकि कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। ऐसे अव्यवस्थाओं के बीच विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। कॉलेज में स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए डॉ. एपी सिंह को निदेशक नियुक्त किया गया है। ऐसे में इन दोनों सेल्फ फाइनेंस कोर्स के भवनों में तेजी से निर्माण व मरम्मत कार्य किया जा रहा है। हाल में ही सेल्फ फाइनेंस की एक कक्षा को स्मार्ट क्लास में तब्दील करने पर रेगुलर कोर्स के शिक्षकों ने भी उनके यहां स्मार्ट क्लास की जरूरत बताई। आरोप है कि इसे नजरअंदाज कर दिया गया।

खेल सुविधाएं भी ध्वस्त
कॉलेज में खेल सुविधाएं भी बदहाल हैं। बास्केटबाल कोर्ट का फर्श उखड़ चुका है। ऐसे में बास्केटबाल का ट्रायल भी बैडमिंटन कोर्ट में कराना पड़ रहा है। यहां व्यवस्थाएं सुधारने के लिए कई बार एस्टीमेट बनाया गया, लेकिन काम कभी शुरू नहीं हो सका।
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समन्वय का अभाव
प्रबंध समिति की ओर से कॉलेज में रखरखाव की जिम्मेदारी डॉ. एपी सिंह को दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने कॉलेज में मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाया, लेकिन प्राचार्य ने इसे अग्रसारित नहीं किया, क्योंकि वह रखरखाव प्रभारी पद को स्वीकार नहीं कर रहे थे। इस बात से ही प्रबंध समिति और प्राचार्य के बीच मतभेद बने हुए हैं।


कॉलेज में विकास कार्य के लिए प्रबंध समिति के समक्ष प्रस्ताव भेजा गया है। जैम पोर्टल शुरू होने से धरातल पर कार्य शुरू हो सकेगा। - प्रो. ओपी राय, प्राचार्य, बरेली कॉलेज
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प्रबंध समिति की ओर से लंबे समय से जैम पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए प्राचार्य से कहा जा रहा है। पूर्व में भी रेगुलर पाठ्यक्रमों के जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाया गया, लेकिन प्राचार्य ने इसे अग्रसारित नहीं किया। ऐसे में मरम्मत कार्य नहीं हो सका। - डॉ. एपी सिंह, निदेशक, सेल्फ फाइनेंस कोर्स, बरेली कॉलेज
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