डिजिटल हस्ताक्षर है ओटीपी, किसी से न करें साझा
एसपी यातायात शिवराज ने कहा कि स्मार्टफोन तिजोरी से कम नहीं है। इसमें आपकी हर गोपनीय जानकारी छिपी हुई है। आपका ओटीपी डिजिटल हस्ताक्षर है। इसे किसी के साथ साझा नहीं करें। फोन पर आने वाले किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करें। इससे आर्थिक हानि हो सकती है। अनजान वीडियो कॉल रिसीव न करें।
उन्होंने डीपफेक, बॉडी ग्रूमिंग, डिजिटल अरेस्ट के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने छात्राओं को 100, 112 व 1090 जैसे हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया। ट्रैफिक नियमों की जानकारी देते हुए छात्राओं को अपने परिवार के लोगों को भी दोपहिया वाहन पर हेलमेट और कार चलाते समय सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित करने के लिए कहा।
नए कानून में चोट को किया गया परिभाषित
एसपी यातायात ने विद्यार्थियों को नए कानून, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के बारे में बताया। कहा कि, नए कानून की प्राथमिकता महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराध को रोकना है। कानून में चोट को परिभाषित किया गया है।
अब तक था कि शरीर में चोट लग गई है। नए कानून में शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक नुकसान होने पर व्यक्ति को चोटिल माना जाएगा। अगर एक भी व्यक्ति चोटिल है तो उसका परिवार चोटिल माना जाएगा।
छात्राओं ने कहा, रास्ते में परेशान करते हैं असामाजिक तत्व
पाठशाला के माध्यम से छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। कहा कि, महाविद्यालय परिसर से मुख्य द्वार तक की दूरी अधिक है। ऐसे में कई बार असामाजिक तत्व छुट्टी के समय खड़े हो जाते हैं और उन्हें परेशान करने का प्रयास करते हैं। इस पर एसपी यातायात ने सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन देते हुए कहा कि कॉलेज गेट पर पुलिस की सख्ती बढ़ाई जाएगी।