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छात्रवृत्ति अटकने पर विवि में जमकर हंगामा

Mon, 05 Mar 2018 06:45 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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MJP Rohilkhand university
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छात्रवृत्ति का डाटा सही न होने पर गुस्साए छात्रों ने सोमवार को एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में जमकर हंगामा किया। सैकड़ों की तादात में जमा हुए छात्रों ने पहले प्रशासनिक भवन घेरा जब यहां किसी ने नहीं सुनी तो छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट पर ताला डालकर धरने पर बैठ गए। पुलिस फोर्स को भी अंदर नहीं आने दिया गया। समाज कल्याण विभाग से आश्वासन मिलने के बाद छात्र शांत हुए।

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करीब चार घंटे विश्वविद्यालय में हंगामा चलता रहा। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इस बार बड़ी संख्या में छात्रों का रिजल्ट डाटा समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर मिस मैच हो गया है।  इसके लेकर कई बार छात्र प्रत्यावेदन दे चुके हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। छात्रों की रिपोर्ट तैयार करके डीएसडब्ल्यू कार्यालय में जमा तो कराई गई, लेकिन यहां से समाज कल्याण विभाग को नहीं भेजी गई। डाटा सही न होने पर सैकड़ों छात्रों की छात्रवृत्ति अटक गई। समाजवादी छात्रसभा के गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एमबीए, बीटेक, एमएससी व अन्य विभागों के सैकड़ों छात्र सोमवार को प्रशासनिक भवन के पास जमा हुए और नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक भवन घेर लिया। कुलपति की गैर मौजूदगी में कुछ शिक्षकों ने छात्रों को समझाना चाहा पर वह शांत नहीं हुए। छात्रों को मुख्य चैनल गेट से अंदर नहीं जाने दिया गया। छात्रों की बात जब किसी ने नहीं सुनी तो छात्र एक घंटे बाद मुख्य गेट पर आए और ताला डालकर धरने पर बैठ गए। उस वक्त तक कुछ पुलिसकर्मी आ चुके थे। छात्रों ने कुछ पुलिसकर्मियों को भी अंदर नहीं आने दिया।

छात्रों ने लगाया लापरवाही का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। छात्रों का कहना था कि एससी व एसटी के तमाम छात्र छात्रवृत्ति के सहारे ही पढ़ रहे हैं। उनकी पढ़ाई  छूटने की नौबत आ गई। छात्रों को समझाने के लिए चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर बीआर कुकरेती, डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर एनएन पांडेय, छात्रवृत्ति के नोडल अधिकारी प्रोफेसर बीपी सिंह, प्रॉक्टोरियल बोर्ड के डॉ. बृजेश त्रिपाठी समेत कई लोग छात्रों को शांत कराने पहुंचे, लेकिन छात्र शांत नहीं हुए। काफी समझाने के बाद कुछ छात्रों की बात समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से कराई गई। विभाग द्वारा एक सप्ताह में डाटा सही होने और बीस मार्च तक छात्रवृत्ति जारी होने के आश्वासन पर छात्र शांत हुए। 

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