बरेली। समाज कल्याण विभाग की तरफ से मिलने वाली छात्रवृत्ति को प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। कार्यालय आने पर इन्हें अलग-अलग बहाने बनाकर टरकाया जा रहा है। बुधवार को विकास भवन में ऐसे कई विद्यार्थी भटकते मिले।
रानी अवंतीबाई महिला कॉलेज की छात्राओं ने पिछली बार छात्रवृत्ति के लिए 500 रुपये लेने का भी आरोप लगाया। कहा कि उनके भाई ने यह धनराशि किसी लिपिक को दी थी। इसके बाद उनकी छात्रवृत्ति आ गई।
वहीं, बरेली कॉलेज से बीलिब कर रहीं रजनी कुमारी भी छात्रवृत्ति फॉर्म से संबंधित जानकारी के लिए ही पहुंचीं थीं। उन्होंने बताया कि फॉर्म भरे एक महीने हो गया है। अब तक खाते में रुपये नहीं आए।
रुहेलखंड डेंटल कॉलेज के छात्र दीप राठौर 2.90 लाख रुपये फीस देकर पढ़ाई कर रहे हैं। उनको उम्मीद है कि छात्रवृत्ति मिल जाती तो उनके आगे की पढ़ाई में मदद हो जाती। फॉर्म भरने के बाद अब तक चक्कर लगा रहे हैं। दुर्गानगर निवासी मनीष कुमार अपनी बेटी अक्षिमा व बेटे अखिल की छात्रवृत्ति के लिए चक्कर लगाते मिले।
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जिस किसी भी छात्रा ने रुपये लेने का आरोप लगाया है, वह सामने आकर शिकायत करे। इसके बाद जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिन विद्यार्थियों की किन्ही वजह से छात्रवृत्ति नहीं आती है, वह इस तरह के आरोप लगाते रहते हैं। - सुधांशु शेखर पांडेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी